प्रोफेसर ने महिला थाने में किया सरेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फार्मास्यूटिकल साइंस की प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सुलझने के साथ उलझ भी गया है। जहां पीड़िता व आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने विभाग के निदेशक को लिखित में दिया है कि उनके बीच गलतफहमी हो गई थी तो वहीं प्रोफेसर ने देर शाम महिला थाना में सरेंडर भी कर दिया। उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। दोनों ओर से हुई इस कार्रवाई को लेकर पुलिस व केयू प्रशासन का अब अलग-अलग रुख हो गया है। पुलिस जहां कानून के अनुसार कार्रवाई का दावा कर रही है, वही संबंधित विभाग के निदेशक ने केयू प्रशासन को दोनों के पत्र सौंप दिए हैं, जिन पर देर शाम तक चर्चा की जाती रही।
बता दें कि उक्त विभाग की छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर आरोप लगाए थे कि उन्हें अकेला बुलाया तो उनके पास कमरे में ही बैठकर पेपर करने का दबाव बनाया। वहीं चॉकलेट दी तो मोबाइल नंबर भी मांगा। इस पर जब मना किया तो उसे फेल करने की धमकी दी। इस संबंध में पुलिस को भी शिकायत दी और पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे काबू करने के लिए छापेमारी कर रही थी। अभी पुलिस इस छापेमारी में लगी थी कि मंगलवार देर शाम प्रोफेसर अपने परिजनों के साथ पुलिस महिला थाना पहुंचे और सफाई दी कि उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।
उधर महिला थाना प्रभारी प्रवीण कौर ने बताया कि प्रोफेसर को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उधर पीड़ित छात्रा को भी मंगलवार को डीएसपी के समक्ष पेश किया गया, जहां पर उसने उक्त आरोप लगाए। यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी गई गलतफहमी संबंधित पत्र की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन उनके पास ऐसा कुछ लिखकर नहीं दिया है।
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दोनों पक्षों ने दिया निदेशक को पत्र : अशोक
केयू प्रवक्ता डॉ. अशोक शर्मा का कहना है कि दोनों ही पक्षों की ओर से मंगलवार को विभाग के निदेशक प्रो एसी राणा को लिखित में दिया है कि उनके बीच गलतफहमी हो गई थी। निदेशक ने ये पत्र रजिस्ट्रार को सौंप दिया है और प्रशासन इस पर चर्चा कर रहा है।