सरपंच ने थानेसर के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी एवं ग्राम सचिव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी व एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में किरमिच वासी ओम प्रकाश ने बताया कि वह गांव का मौजूदा सरपंच है। करीब छह माह पहले खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी थानेसर ईश्वर चंद व ग्राम सचिव पोल्लू राम ने मुझे किसी काम के बहाने बीडीपीओ कार्यालय बुला लिया। कार्यालय में बुलाने के पश्चात उन्होंने मुझे कहा कि ग्राम पंचायत फंड से 5 लाख 78 हजार रुपये निकलवाने है, जिसे ग्राम सचिव खुद पूरे कर देगा। मैंने मना किया तो बीडीपीओ ने मुझे धमकाते हुए वहीं बैठने को कहा। उन्होंने मुझे धमकी भी दी कि अगर तुम उपरोक्त पैसे नही निकलवाकर दोगे तो मैं तुम्हारे खिलाफ उपायुक्त के पास गबन की झूठी रिपोर्ट बनाकर भेज दूंगा। इसके बाद दोषी बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को मेरे साथ गांव किरमच में भेज दिया। गांव के पंचायत दफ्तर में पहुंच ग्राम सचिव ने चैक बुक उठा उसमें 5 लाख 78 हजार का चैक भर लिया और पंचायत कार्रवाई रजिस्ट्री में प्रस्ताव न डालकर तथा पंचों से उसे पास करवाये बिना ही रेजुलेशन की नकल फर्जी तैयार कर ली। उसके बाद ग्राम सचिव मुझे बीडीपीओ दफ्तर में ले गया। दफ्तर में पहुंचने पर बीडीपीओ ने मुझे चैक व प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। जब मैने नकल प्रस्ताव व चैक पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया तो बीडीपीओ ने मुझे गालियां देनी शुरू कर दी और जातिसूचक शब्द भी कहे। जिनमें मेरे साथ सुभाष चंद व गुरूदेव सिह भी मौजुद थे। उन्होने ने भी बीडीपीओ को गालियां न देने के लिए कहा लेकिन बीडीपीओ गालियां देता रहे और मुझे जबरदस्ती प्रस्ताव व चैक पर हस्ताक्षर करवाकर फर्जी रैजुलेशन तैयार करके पंचायत के खाता से रुपये निकलवाने के लिए दबाव बनाने लगे। उस समय मैं किसी तरह वहां से निकल आया और नकल प्रस्ताव तथा चैक की फोटो कॉपी साथ ले आया। बीडीपीओ व ग्राम सचिव ने कहने पर हस्ताक्षर कर करने पर दोनों ने मेरे खिलाफ गबन की एक झूठी रिपोर्ट तैयार करके उपायुक्त के पास भेज दी, जिस पर संज्ञान लेते हुए मुझे सरपंच पद से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद इस आदेश के खिलाफ मैं हरियाणा पंजाब उच्च न्यायालय में रिट डाली। उच्च न्यायालय ने मुझे उपायुक्त के आदेश के खिलाफ स्टे दे दिया और उपायुक्त के आदेशों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बीडीपीओ व ग्राम सचिव के खिलाफ 120-बी, 420, 467 व 468 आईपीसी व एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में जब बीडीपीओ से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
मामला दर्ज कर की जा रही है जांच: डीएसपी
डीएसपी अजय राणा ने कहा कि सरपंच की शिकायत पर बीडीपीओ व ग्राम सचिव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है।