सवा दो साल पहले फर्जी लेबर लाइसेंस के आधार पर टेंडर लेने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नगर पालिका लाडवा से धोखाधड़ी करके क्षेत्र में सफाई का टेंडर लिया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा लगाए गए लाइसेंस फर्जी थे। पुलिस ने दोनों आरोपी सतप्रकाश वासी कुरुक्षेत्र व शीशपाल वासी हांसी (हिसार) को अदालत के आदेश से जेल भेज दिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण गोयल ने बताया कि 12 जुलाई 2019 को शिव कुमार वासी ईशाकपुर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नगर पालिका लाडवा की ओर से अपने क्षेत्र में सफाई कार्य का टेंडर निकाला था। इस टेंडर को ब्रह्मानंद को-ऑपरेटिव सोसाइटी कुरुक्षेत्र और दी हांसी लव कुश को-ऑपरेटिव सोसाइटी (हिसार) ने यह टेंडर भरा था। नगरपालिका लाडवा ने ब्रह्मानंद कोपरेटिव सोसाइटी को टेंडर का कार्य दिया था। सीएम विंडो पर दोनों समितियों के लाइसेंस की जांच के लिए शिकायत दी गई थी। तब दोनों समितियों के लाइसेंस श्रम आयुक्त पंचकूला ने फर्जी होने की पुष्टि की थी। शिकायत पर थाना लाडवा में मामला दर्ज करके जांच करते हुए पुलिस ने 26 नवंबर को दोनों आरोपी सतप्रकाश व शीशपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत के आदेश से जेल भेज दिया है।