भारतीय किसान यूनियन द्वारा एक कंपनी पर यूरिया खाद के साथ जबरदस्ती सल्फर व अन्य सामान बेचने का आरोप लगाते हुए सीएम के नाम शिकायत सौंपी गई है। शिकायत में कहा गया है कि आरोप लगाया गया है कि रबी की फसलों की बिजाई शुरू ही हुई है और अभी से डीएपी खाद की भारी कमी प्रदेश में बनी हुई है। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने शिकायत में कहा कि डीएपी की कमी के चलते खाद कंपनियों की ओर से जबरदस्ती दुकानदारों के माध्यम से किसानों को डीएपी थैले के साथ कभी सल्फर या अन्य समान लगाकर दिया जा रहा है। अभी डीएपी खाद की कमी ख़त्म ही नही हुई ऊपर से खाद कंपनियों ने यूरिया खाद के साथ जबरदस्ती किसानों को सल्फर देनी शुरू कर दी। ताजा मामला पिछले दिनों शाहाबाद का है। यहां एक कंपनी का यूरिया खाद का रैक आया, जिसमे कंपनी ने यूरिया के रैक के साथ एक बैग सल्फर की भी जबरदस्ती डिस्ट्रीब्यूटर को दिया है। जब यह यूरिया खाद डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा दुकानदारों को गाड़ियों से भेजा गया तब हर गाड़ी के साथ सल्फर के बैग भी जबरदस्ती भेज दिए गए। जब किसान दुकानदार से खाद लेने पहुंचा तो दुकानदारों ने जबरदस्ती किसानों को खाद के थैले के साथ सल्फर देनी शुरू कर दी। इस प्रकार 266.50 रुपये वाले यूरिया खाद के थैले के साथ 250 रुपये की सल्फर साथ दी गई। इसलिए किसान को 516.50 रुपये प्रति बैग यूरिया मिला है। शिकायत में आरोप लगाया कि इस प्रकार प्रदेश में खाद कंपनियों ने काला बाजारी से किसानों की लूट शुरू कर दी। भाकियू ने प्रदेश में डीएपी व यूरिया खाद की कमी को तुरंत दूर करने की मांग की। वहीं खाद कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कार्रवाई न करने पर खुद कंपनियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दी।