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प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिके पटाखे, जमकर हुई आतिशबाजी

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जिले में प्रशासन की ओर से राज्य सरकार के निर्देशानुसार पटाखों की बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इस प्रतिबंध के बावजूद भी जिलेभर में सरेआम पटाखे बेचे व चलाये गए। हैरानी की बात है कि इन मामलों में पुलिस द्वारा नाममात्र कार्रवाई की गई। सिरसिला रोड पर तो एक गोदाम में पटाखे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में बताया जा रहा है कि यहां कार्रवाई करने की बजाए पुलिस खुद व्यवस्था बनाने में लगी हुई थी। वीडियो में एक एएसआई और दो होमगार्ड के जवान नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पटाखा गोदाम के पास सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं थी। मौके पर फायर बिग्रेड की एक भी गाड़ी तैनात नहीं थी। वहीं ग्रामीण एरिया में तो कई दुकानदार हर बार की तरह सड़क पर पटाखों की स्टाल लगाए बैठे थे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए करीब एक हजार पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पटाखे बेचने के साथ-साथ रात तीन बजे तक हुई आतिशबाजी के बावजूद पुलिस द्वारा नाममात्र कार्रवाई की गई।
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सदर थाना प्रभारी राजपाल ने कहा कि सिरसिला रोड पर गोदाम में पटाखे बेचने के मामले की वह जांच कर रहे हैं। गोदाम खुला होने की सूचना मिलने पर उन्होंने ही वहां पर पुलिस को भेजा था और गोदाम बंद कराया था।
पटाखों के प्रतिबंध को लेकर उपायुक्त मुकुल कुमार ने जारी आदेशों में कहा था कि राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत राज्य में एनसीआर के अतिरिक्त ऐसे जिले जिनमें पिछले वर्ष अक्तूबर व नवंबर-2020 में वायु की गुणवत्ता काफी निम्न स्तर पर थी, वहां भी पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए कुरुक्षेत्र जिले में किसी को भी पटाखों की बिक्री नहीं करने दी जाएगी। विस्फोटक अधिनियम 2008 के तहत जिले में किसी भी प्रकार के पटाखों की ब्रिकी को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के अंडर सेक्शन 51 से 60, अंडर सेक्शन 188 व 1860 के तहत कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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