फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहाबाद निजी अस्पताल में गर्भपात करती हुई स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त स्टाफ नर्स काबू

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शाहाबाद में लाडवा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में गर्भपात करते हुए स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त स्टाफ नर्स को रंगे हाथों काबू किया है। विभाग की टीम ने मौके से दवा से भरा हुआ एक इंजेक्शन, गर्भपात की प्रक्रिया में इस्तेेमाल होने वाले औजार और पांच हजार रुपये भी बरामद किए हैं। आरोपी स्टाफ नर्स की पहचान शाहाबाद के सत्यानगर वासी माया देवी पत्नी सुभाष चंद के रूप में हुई है। बताया गया कि आरोपी स्टाफ नर्स के खिलाफ 9 जनवरी वर्ष 2014 में भी एमपीटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा को गुप्त सूचना मिली कि शाहाबाद के एक निजी अस्पताल में एक महिला गैर कानूनी ढंग से गर्भपात करती है। उप सिविल सर्जन डॉ. आर के सहाय के नेतृत्व में डॉ. गौरव बंसल, डॉ. ऋषि सैनी, डॉ. रजत, मनोज कुमार और राजीव कुमार की एक टीम गठित की गई। टीम ने डिकोय ग्राहक की मदद से उक्त स्टाफ नर्स से संपर्क साधा गया। डिकोय ग्राहक और स्टाफ नर्स के बीच पांच हजार रुपये में गर्भपात करने का सौदा हुआ। स्टाफ नर्स ने डिकोय को गर्भपात के लिए शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे का समय दिया। समयानुसार डिकोय अस्पताल पहुंची। यहां स्टाफ नर्स ने गर्भपात करने की पूूरी तैयारी की हुई थी। स्टाफ नर्स से डिकोय से पहले पांच हजार रुपये वसूल किए। इसके बाद गर्भपात करने की प्रक्रिया शुरू की और दवा का इंजेक्शन भरा। जैसे ही स्टाफ नर्स डिकोय को इंजेक्शन लगाने लगी, तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मार दिया। टीम ने पांच हजार की नकद राशि, गर्भपात करने वाले औजार और दवाई से भरा हुआ इंजेक्शन बरामद किया। डॉ. गौरव ने बताया कि काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि महिला माया देवी अवैध रूप से गर्भपात करवाने का काम कर रही है। थाना प्रभारी प्रतीक कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के सहयोग से महिला को काबू किया है। विभाग द्वारा दी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें