जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा ने अवैध हथियार से हमला करके हत्या का प्रयास करने के आरोप में दो को सात साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला सहायक उप न्यायवादी धर्म चंद ने बताया कि 25 अक्तूबर 2017 को पुलिस टीम को सुचना मिली कि कुलदीप सिंह पुत्र सूबे सिंह वासी जिला कैथल गोली लगने के कारण एलएनजेपी हस्पताल में दाखिल है। अपने बयान में उसने बताया था कि वह अदालत में गवाही पर आया था। जब वह कार से पिहोवा रोड पर जा रहा था। पीछे अपनी कार से आ रहे शमशेर सिंह ने पिस्तौल से उस पर जान से मारने की नियत से दो फायर किये। एक गोली साइड से उसकी गाड़ी के शीशे में लगी तथा दूसरी गोली उसकी बाजू में लगी। पुलिस ने आरोपी शमशेर सिंह को उसके साथी मुकेश कुमार के साथ 29 अक्तूबर 17 को पिहोवा अनाज मंडी के काबू किया। जिसने बताया की वह कुलदीप के साथ पहले बिजनेस करता था उसने काम के सिलसिले में उसके साथ कई बार धोखा किया हुआ था, जिसकी रंजिश में उसने पहले भी कुलदीप पर फायर किया था। जिसमे भी मामला दर्ज है जिसमे मैंने कई बार कुलदीप के साथ समझौता करने का प्रयास किया। उसने अपने साथी प्रदीप उर्फ दीपू वासी बपदी व साथी मुकेश कुमार के साथ मिलकर कुलदीप सिंह पर दो गोलियां चलाई थी। मामले में सुनवाई कर न्यायाधीश ने आरोपी शमशेर सिंह को धारा 307 में सात साल की कैद 25 हजार रुपये जुर्माना व आर्म्स एक्ट की धारा 25 में 2 साल कैद के साथ 5 हजार रुपये जुर्माना की सजा तथा आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ दीपू को धारा 307 में सात साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।