थाना पिहोवा क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग युवती को उसी गांव के युवक द्वारा अगवा कर अनैतिक काम करने के आरोप में अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उप न्यायवादी एसके मित्तल ने बताया कि 3 अप्रैल 2015 को गांव की महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी अचानक गायब हो गई। पुलिस ने शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को पता चला कि उसी गांव का युवक रवि भी काफी दिनों से घर से लापता है। मामले की अनुसंधान कर्ता महिला एएसआई प्रवीन कुमारी ने अपनी टीम सहित दबिश देते हुए नाबालिग युवती को बरामद किया तथा युवती का मेडिकल कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने बताया कि नाबालिग लड़की उसी के गांव की है। वह नाबालिग को छुपाकर रखा तथा मुंबई भी ले गया, जहां उसने लड़की से अनैतिक काम भी किया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत में चल रही थी। जिला उप न्यायवादी एसके मित्तल ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई करने के उपरांत आरोपी को दोषी ठहराया और धारा-343 के तहत एक वर्ष की कैद और 6 पोस्को एक्ट की धारा में 10 वर्ष की कैद तथा तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में चार माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।