कुरुक्षेत्र। सिविल जज अनमोल कक्कड़ की अदालत ने कैनरा बैंक ऋण मामले में एकतरफा डिक्री पारित की। यह फैसला एमएसएमई ऋणकर्ता के खिलाफ आया है। अदालत ने बैंक को 2,94,172.35 रुपये वसूलने का हकदार माना है। नर सिंह बिष्ट और बिष्ट कैटरर्स ने 9 जुलाई 2020 को 4.45 लाख रुपये का ऋण लिया। यह ऋण कैटरिंग कारोबार के लिए था। ऋण खाते में नियमित भुगतान नहीं हुआ, जिसके बाद बैंक ने कानूनी नोटिस भेजे। ऋणकर्ता ने 21 दिसंबर 2022 को बकाया राशि की पुष्टि की, पर भुगतान में चूक हुई। खाता 24 मई 2025 को एनपीए घोषित हुआ। प्रतिवादी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। उन्हें 23 मार्च को एकतरफा घोषित किया गया। अदालत ने 14 अगस्त को बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया। प्रतिवादियों को तीन माह में बकाया राशि चुकानी होगी। उन्हें मुकदमा दायर होने की तारीख से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। भुगतान न होने पर बैंक कानून के तहत वसूली कर सकेगा।