कुरुक्षेत्र। पति राजेश की हत्या के मामले में आरोपी बिमला की मानसिक स्थिति को लेकर चिकित्सकों की राय आने के बाद उसे काउंसलिंग के लिए पीजीआई भेजा गया है। मनोरोग विशेषज्ञ ने उसकी मानसिक स्थिति स्थिर नहीं होने की बात कही है। अब पीजीआई में मनोरोग विशेषज्ञ उसकी काउंसलिंग और मानसिक स्थिति का आकलन करेंगे।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन उपाध्याय ने कहा कि बिमला के कमरे के तीन मनके दबाव आने की वजह से टूटे हुए हैं लेकिन राहत की बात यह है की उसकी नसें कटने से बच गई। वह उसका कमर का उपचार पूरा हो गया है। उसे दवाइयों व बेड रेस्ट की जरूरत है।
दर्द पूरी तरह ठीक होने में करीब छह माह का समय भी लग सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिमला को पुलिस हिरासत में भेजने से पहले मनोरोग विशेषज्ञ की राय की जरूरत है। अस्पताल ने दोपहर के समय ही आरोपी बिमला की रेफर स्लिप बना पुलिस कर्मियों को थमा दी थी।
उधर, फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव के अनुसार बिमला ने राजेश के पेट पर केवल एक कट लगाया था। दोनों जांघों पर खून लगा हुआ था, जो जमने के बाद वायरल फोटो में तीर के निशान जैसा प्रतीत हो रहा है।
मैथिली भाषा में बात कर रही महिला : बिमला से बातचीत में भाषा भी पुलिस और चिकित्सकों के सामने चुनौती बनी हुई है। वह मैथिली भाषा में बात कर रही है। बुधवार को नेपाल से कुरुक्षेत्र में शादी करके आई एक महिला ने उसकी भाषा को समझ कर बताया कि यह मैथिली भाषा में बातचीत कर रही है और उस महिला ने भी बताया कि वह हर बात का एक ही जवाब दे रही मेरे सिर माता का साया आया था तो मैं कूद गई।