फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोना वायरस जानलेवा, संक्रमण से बचना जरूरी: प्रभजोत

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह ने वीडियो कांफ्रेंस से मंगलवार को हरियाणा के सभी सिविल सर्जन एवं उप सिविल सर्जन (मलेरिया) के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस के बचाव एवं जिला स्तर पर किए गए प्रबंध पर विचार विमर्श किया और अधिकारियों करे जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस वायरसों का एक समूह है जो जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है। कोरोना वायरस के लक्षणों में नाक बहना, खांसी, गले में खरास, कभी-कभी सिरदर्द और बुखार शामिल है, जो कुछ दिनों तक रह सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग यानी जिनकी रोगों से लड़ने की ताकत कम है ऐसे लोगों के लिए यह घातक है। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसान शिकार है। यह खांसने, छीकने या हाथ मिलाने तथा मुंह, नाक व आंखों को छूने से भी फैलता है। उन्होंने बताया कि चीन देश के बुहान प्रांत से आने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके साथ-साथ एहतियात के तौर पर उन्होंने सलाह दी कि दिन में बार-बार साबुन या गुनगुने पानी से हाथ मुंह धोएं और अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहने और घर से बाहर निकलने से पहले मास्क अवश्य लगाएं। कहा कि जहां तक संभव हो अपने हाथ से नाक, आंख को ना छुए। खासतें व छींकते समय अपने मुह पर हाथ रखें। कहा कि चीन से आने वाले प्रत्येक यात्री पर नजर रखी जाए और उसकी काउंसिलिंग भी हो अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नजर आए तो उसका सैंपल लेकर लैब में भेजे, इस बीमारी से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। लोगों की सुविधा के लिए जिला अस्पतालों में हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने बताया कि इस वायरस के संक्रमण का कोई उपचार नहीं है और ना ही इससे बचने के लिए कोई टीका है। इसके बचाव के लिए इस वायरस के मरीजों को सलाह दी जाती है कि खूब सारे तरल पदार्थ पिएं, आराम करें और जितना हो सके सोएं और भीड़ से बचें व दूसरों से संपर्क ना करे। उन्होंने बताया कि जिला में कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल में कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों के लिए 8 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया हैं और 4-4 बेड का सीएचसी पिहोवा, लाडवा, शाहाबाद, मथाना में बनाया गया है। जिला स्तर पर रेपिड रसपोंस टीम का गठन किया गया है। बीमारी के बचाव के लिए मास्क व आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें