स्कूल खुलने के बाद से धर्मनगरी में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि फिलहाल कोरोना संक्रमितों में हर तीसरा मरीज विद्यार्थी पाया जा रहा है। वहीं जनवरी से अब तक आए पॉजिटिव केसों में 25 प्रतिशत स्कूली बच्चे शामिल हैं। बुधवार को भी अलग-अलग स्कूलों से 7 नए बच्चे संक्रमित मिले हैं। खतरे को देखते हुए बुधवार को स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की ओर से आपात बैठक बुलाई गई।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. कृष्ण कुमार ने कोविड-19 संबंधित आंकड़ा साझा किया और सभी स्कूलों में कोविड-19 संबंधित गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक कुरुक्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में 190 विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। राहत की बात है कि इनमें से 111 विद्यार्थी कोरोना को मात दे चुके हैं। बैठक में जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री सहित अन्य संबंधित अधिकारी पहुंचे। इस मौके पर एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली, उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश सभ्रवाल, डॉ. कुसुम, रविंद्र कुमार सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
बैठक में न आने वाले निजी स्कूलों को नोटिस
कोरोना के बढ़ते खतरों को देखते हुए बुधवार को बुलाई गई आपात बैठक में कई निजी स्कूल संचालकों ने हिस्सा नहीं लिया। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले निजी स्कूल संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 30 नए केस सामने आए
बुधवार को कुरुक्षेत्र में कोरोना से संक्रमित 30 नए केस सामने आए हैं, जबकि 17 मरीज ठीक हुए हैं। अब तक जिले में 9435 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। 9005 मरीज ठीक होकर वापस घर जा चुके हैं। वहीं 136 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है। फिलहाल कुरुक्षेत्र में 294 एक्टिव केस हैं।
लापरवाह स्कूल संचालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई: अरुण आश्री
जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है। सभी स्कूलों में कोविड-19 की गाइडलाइन को सख्ती से लागू करेंगे। सभी शिक्षक बच्चों को कोविड-19 के प्रति जागरूक करें। स्कूलों में नियमित रूप से सैनिटाइजर व मास्क का प्रयोग करें। इन आदेशों की जो अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों को रहना होगा पूरी तरह सतर्क: डॉ. सुखबीर
जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन मामलों में 1 जनवरी से अब तक करीब 25 प्रतिशत स्कूली बच्चे हैं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग को भी कोरोना के खिलाफ जंग जारी रखनी होगी। जिस भी बच्चे को खांसी, जुकाम या बुखार है, उस बच्चे को स्कूल में न आने दें। मास्क, दो गज की दूरी तथा बार-बार हाथ धोने के लिए बच्चों को प्रेरित करें। स्कूलों में इन चीजों को सही तरीके से लागू कराने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करें। स्कूल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाए।
स्कूलों में किए जाएं सभी पुख्ता प्रबंध: निशा
नगराधीश निशा यादव ने कहा कि जिले में पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 से संक्रमण के केसों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिनमें ज्यादातर विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि इस संबंध में सभी स्कूलों में कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए। इसके लिए स्कूलों में आवश्यक प्रबंध किए जाएं।