जिला प्रशासन व जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने व संक्रमित मरीजों की देखभाल करने में कितना गंभीर है, इसका जीता जागता उदाहरण आपके सामने है। जब जवाबदेही के बात आती है तो स्वास्थ्य विभाग के जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह कॉल रसीव करना उचित नहीं समझते। अगर हालात ऐसे ही रहे गए तो जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस पर कैसे नियंत्रण करेगा ?
शहर के चनारथल रोड निवासी एक व्यक्ति एक सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित मिलता है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज के घर के बाहर कोविड-19 संबंधित पोस्टर लगाकर भूल जाता है कि उक्त मरीज के संपर्क में आए परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल लेने है या नहीं। उक्त मरीज के तीन दिन बाद उसका भाई भी कोरोना संक्रमित मिला, लेकिन यह पुष्टि जिला स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की। चनारथल कॉलोनी निवासी उमेश कुमार का कहना है कि उसके भाई की रिपोर्ट एक सप्ताह पहले एलएनजेपी अस्पताल में रैपिड टेस्ट कराने पर पॉजिटिव आई थी। इसके अगले ही दिन आंगनबाड़ी वर्कर उसके घर आई और कोविड-19 संबंधित घर के गेट पर पोस्टर लगा दिया। साथ ही पेरासिटामोल दवा देकर चली गई। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनकी परिवार की दोबारा कोई सुध नहीं ली कि मरीज की तबीयत कैसी है। वैसे तो प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग पर जोर दे रहा है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ तमाम सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जा रहो हो, लेकिन यह हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। कहा कि 4 सितंबर को उन्होंने खुद एलएनजेपी अस्पताल में आरटी-पीसीआर सैंपल दिया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने आज तक रिपोर्ट नहीं दी। वह खुद ही अपने घर पर क्वारंटाइन है और उनके माता-पिता को भी कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं, लेकिन वे बाहर दवाईयां लेने जाए तो वह कोविड-19 की गाइड लाइन की उल्लंघना हो रही है और स्वास्थ्य विभाग सुध ले नहीं रहा। ऐसे में वे क्या करें। कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपलिंग करना तो दूर, जो संक्रमित हैं उनकी पुष्टि करने में भी कोताही बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ऐसी लापरवाही कोरोना संक्रमित मरीजों व उनके परिवार के सदस्यों पर भारी पड़ रही है, लेकिन जिला प्रशासन भी लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग की इतनी बड़ी लापरवाही की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को करेंगे, ताकि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।