कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डिग्री लेने की आस में हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 34वां दीक्षांत समारोह 18 फरवरी को 2024 सत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित करना तय किया गया है। इसमें 2024 सत्र के पूर्व विद्यार्थियों को ही उपाधियां प्रदान की जाएंगी। प्रशासन के इस निर्णय से 2023 सत्र के छात्रों में असंतोष है, क्योंकि उन्हें अभी तक उपाधियां नहीं मिली हैं। विद्यार्थियों ने कुलपति व परीक्षा नियंत्रक को मेल के जरिए पत्र भेजकर रोष भी जता चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि उन्हें भी समारोह में उपाधियां प्रदान की जाए।
11 अगस्त 2023 को आयोजित दीक्षांत समारोह में 2022 सत्र के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई थीं, जबकि इस बाद 2023 सत्र के विद्यार्थियों को डिग्रियां मिलनी थीं। जोकि अभी भी अपनी डिग्रियों को पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय और इसरो के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ बतौर अतिथि विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को मानद उपाधि से सम्मानित किया जा सकता है। 2023 सत्र के छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वे जल्द ही उनकी उपाधियों के वितरण के संबंध में स्पष्टता प्रदान करें ताकि वे निश्चिंत होकर अपने कार्य पर ध्यान दे सकें।
दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने की थी आस : मनीष
2023 सत्र के एमए मास कम्यूनिकेशन के छात्र रहे मनीष कुमार का कहना है कि उसने मेहनत से पढ़ाई की और परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास की। ऐसे में उन्हें दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने की आस लगाई हुई थी लेकिन प्रशासन के लिए फैसले से निराश हूं। उनका कहना है कि उन्हें भी समारोह में उपाधियां प्रदान की जाएं ताकि वे अपने यादगार पलों को संजो सकें।
2023 सत्र के विद्यार्थियों के लिए भी हो दीक्षांत समारोह : मुक्ता
पूर्व छात्रा मुक्ता का कहना है कि 2022 सत्र के विद्यार्थियों को समय पर उपाधियां मिल गईं थी और अब 2024 सत्र को भी उपाधियां प्रदान करने हेतु दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है लेकिन 2023 सत्र के विद्यार्थियों को क्यों छोड़ा गया, ये हमारी समझ से बाहर है। उनका कहना है कि ये हमारे साथ अन्याय है। यूजी, पीजी और पीएचडी के सैकड़ो विद्यार्थी हैं, जिनकी इस समारोह से भावनाएं जुड़ी हुईं हैं। वे सभी आहत हुई हैं, उनका कहना है कि उनके सत्र के लिए भी समारोह का आयोजन होना चाहिए।