पिहोवा। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश की अदालत (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) ने मुन्नी देवी हत्याकांड में दोषी दसई वासी गणेश सिरसिया जिला मोतीहारी बिहार को दोषी ठहराया है। उसे आजीवन कठोर कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है।
जिला उप न्यायवादी दीपक अग्रवाल ने बताया कि गत 5 जुलाई 2022 को रामचंद्र वासी गणेश सिरसिया जिला मोतीहारी बिहार, हाल वासी अंबाला कैंट ने थाना सदर पिहोवा पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। उसके पास तीन लड़के व चार लडकी हैं जिनमें सबसे बडा लड़का राजेश कुमार शादीशुदा है और उसके पास तीन लड़के हैं। उसके लड़के की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। उसके लड़के राजेश कुमार की पत्नी मुन्नी देवी व बच्चे गांव ईशाक में एक मकान में किराए पर रहते हैं। उसी गांव में दसई भी रहता है।
गत 3 जुलाई 2022 को उसकी पुत्रवधु मुन्नी देवी अपने बच्चों को खाना खिलाकर सो गई थी। जब रात को करीब सवा 12 बजे उसके पोते की आंख खुली तो उसने देखा कि उसकी माता बिस्तर पर नहीं हैं। वह घर में देखने लगा तो उसकी मां मुन्नी देवी बाथरूम में गिरी हुई मिली। उसने अपने भाई व पड़ोसियों को बताया। उन्होंने देखा कि मुन्नी देवी की मौत हो चुकी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। थाना सदर में हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज करके जांच की गई थी।
बुधवार को मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर आरोपी दसई को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कठोर कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई।