कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की सेंट्रल कैंटीन के ठेकेदार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद कुवि प्रशासन ने कैंटीन को सील कर दिया है। कुवि प्रशासन को कई विद्यार्थियों की ओर से ठेकेदार के खिलाफ शिकायत मिल रही थीं। इस मामले में विश्वविद्यालय की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) ने जांच की थी। इसके बाद समिति ने ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने और कैंटीन खाली कराने की सिफारिश की थी। हालांकि कैंटीन का लाइसेंस 31 अगस्त 2025 को ही समाप्त हो चुका था और इसके बाद कोई विस्तार नहीं दिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ठेकेदार को 10 मार्च को लीगल नोटिस जारी कर सात दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया था। जिसकी समय सीमा 17 मार्च को समाप्त हो गई। समय बीतने के बाद भी ठेकेदार ने कैंटीन खाली नहीं की। इस पर 18 मार्च को मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आंनद और जनरल डिप्टी रजिस्ट्रार की टीम ने अंतिम बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इससे पहले ठेकेदार पर बिजली चोरी का आरोप भी लगा था, जिसके चलते उस पर एक लाख रुपये से अधिक का आर्थिक दंड लगाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कैंटीन को सील कर दिया। यह कार्रवाई सीएसओ, प्रॉक्टर, डिप्टी रजिस्ट्रार और शॉपिंग सेंटर कमेटी की निगरानी में की गई। संवाद
बॉक्स
सील खोली तो होगी पुलिस कार्रवाई : डॉ. आनंद
कैंटीन को सील करने के बाद सीएसओ डॉ. आनंद ने कहा कि ठेकेदार को चेतावनी दी गई है कि सील तोड़ने या बिना अनुमति कैंटीन खोलने की कोशिश की तो उसके खिलाफ पुलिस और कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि उनके पास प्रशासन की तरफ से पत्र आया था। आदेश की पालन करते हुए कैंटीन को सील कर दिया गया। ठेकेदार के नियम नहीं मानने पर कार्रवाई की गई।