खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी बनाने और राशन डिपोओं से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के उद्देश्य से फेयर प्राइज प्रणाली ओटोमेशन (एफपीएस) को मई माह में 5 जिलों में शुरू करने का कार्य किया है। जिसे 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
इस प्रणाली के तहत सभी राशन कार्डों को आधार से लिंक किया जाएगा और उपभोक्ता अपना राशन प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में जाकर किसी भी डिपो से लेने में सक्षम होंगे। उपभोक्ताओं को उनके द्वारा पंजीकृत करवाएं गए मोबाइल नंबर हिंदी भाषा में एसएमएस अलर्ट भी पहुंचेगा। इस प्रकार गोदाम से अनाज चलने और डिपो तक पहुंचने की जानकारी अब उपभोक्ताओं को घर बैठे एसएमएस के माध्यम से मिल पाएंगी।
राज्यमंत्री बुधवार को लघु सचिवालय में एफपीएस ऑटोमेशन प्रणाली को लेकर विभाग के अधिकारियों, पार्षदों, सरपंचों की बैठक ले रहे थे। राज्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूर्णत: पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के उद्देश्य से ही राशन कार्डों को आधार से लिंक करने के लिए एफपीएस ऑटोमेशन प्रणाली को लागू किया जा रहा है।
जिसका पायलट प्रोजेक्ट अंबाला में शुरू किया और अब मई माह में कुरुक्षेत्र, कैथल, हिसार, भिवानी और पंचकूला में लागू किया गया है वहीं 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। जिसके बाद कोई भी उपभोक्ता अपनी मनमर्जी के डिपो धारक से राशन ले सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ मेें भेजी गई एक टीम के मूल्यांकन करने के बाद ‘मेरी मर्जी योजना’ की तर्ज पर ही हरियाणा में एफपीएस ऑटोमेशन को लागू किया जा रहा हैं।
राज्य सरकार की ओर से अनाज के भंडारण के लिए साइलोज मोड का प्रयोग किया जाएगा। इसके तहत अनाज का एक भी दाना खराब नहीं होगा। सरकार ने 9.5 मिट्रिक टन को साइलोज गोदाम में रखने का निर्णय लिया है, इसमें 3 मीट्रिक टन एफसीआई और बाकी का हिस्सा अन्य एजेंसियां गोदाम में रखेंगी। उन्होंने कहा कि आगामी 2 माह में प्रदेश में बीपीएल सर्वे का काम दोबारा शुरू किया जाएगा।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाकर सरकार ने एक अहम कदम उठाया हैं। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में लगभग 100 प्रतिशत आधार बन चुके है और 82 प्रतिशत आधार का विभाग में फीडिंग का काम पूरा हो चुका है।
पेंशन विभाग में पाए गए 1 लाख 90 हजार फर्जी लाभपात्र
राज्यमंत्री ने खुलासा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पूरे तंत्र को ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ने का काम किया। जिसके चलते पेंशन विभाग में 1 लाख 90 हजार फर्जी लाभपात्र पाए गए, शिक्षा विभाग में 4 लाख फर्जी दाखिलों का भी खुलासा हुआ, इतना ही नहीं 4 लाख लोग गैस और कैरोसीन दोनों का लाभ ले रहे थे। इससे सरकार का करोड़ों रुपये के पैसे की बचत हुई है। इसी प्रकार अब पीडीएस प्रणाली को आनलाइन कर, राशन कार्डों को आधार से लिंक करके गरीबों का हक दिलाने की राह पर चल रही है। इसके साथ सभी उपभोक्ताओं को अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक करवाना होगा। जो उपभोक्ता आधार को राशन कार्ड से लिंक नहीं करवाएगा, उसका राशन भी बंद कर दिया जाएगा।