कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर का पवित्र जल पुण्य की डुबकी लगाने के साथ आचमन करने और पीने के योग्य भी बनाया जाएगा। फरवरी में शुरू किया गया निर्माण कार्य करीब दो माह से अटका हुआ है, ऐसे में तय समय पर श्रद्धालुओं को शोधन हुआ जल उपलब्ध फिलहाल नहीं हो पाया है। अब संभावना जताई जा रही है कि अगले करीब एक सप्ताह तक निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएगा।
केडीबी की ओर से दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए ब्रह्मसरोवर का शोध किया हुआ जल उपलब्ध कराने के लिए ब्रह्मसरोवर के दोनों घाटों के चारों ओर आचमन जोन स्थापित करने का काम शुरू किया गया था, जिसके एक माह में पूरा होने की उम्मीद थी लेकिन आज तक भी यह कार्य महज एक कदम से आगे नहीं बढ़ पाया है। करीब 3600 फीट लंबे व 1500 फीट चौड़े माने जाने वाले इस ब्रह्मसरोवर के दोनों घाटों के चारों ओर यह योजना सिरे चढ़ने के बाद आचमन करने की सुविधा मिल पाएगी। आचमन जोन के तहत आकर्षक प्लेटफार्म बनाए जाने के अलावा आरओ की तर्ज पर जल शोधन की मशीनें भी लगाई जानी है। श्रद्धालु इसमें से जल लेकर आचमन कर सकते हैं और इसी जल को पीने के लिए भी उपयोग कर सकेंगे। इन प्लेटफार्म पर श्रद्धालु बोतल या किसी अन्य बर्तन में भी पानी भरकर ले जा सकेंगे।
जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद : सिंघल
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि आचमन जोन बनाने का काम किन्हीं कारणों से रुक गया था। जल्द ही इसे दोबारा से शुरू किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को यह बड़ी सुविधा मिलेगी।