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अध्यादेशों के विरोध और किसान,व्यापारी मजूदरों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन

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केंद्र सरकार द्वारा जारी तीन अध्यादेशों के विरोध में किसान, व्यापारी और मंडी मजदूरों द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा, पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा तथा लाडवा के विधायक मेवा सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया और नगराधीश के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर अपील की गई कि संसद में पारित इन अध्यादेशों के बिल स्वीकृति प्रदान न करें। कांग्रेसी कार्यकर्ता पंचायत भवन पर एकत्रित हुए और वहां से सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे।
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इस मौके पर पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि राष्ट्रपति इन विधेयकों पर हस्ताक्षर करके इन्हें कानूनी जामा पहनाते हैं तो यह कानून देश के किसानों, आढ़तियों और मजदूरों के लिये डेथ वारंट साबित होगा। केंद्र में सत्तारुढ़ भाजपा सरकार किसान विरोधी यह कानून बनाकर किसानों देश के बड़े बड़े पूंजीपतियों के चंगुल में फंसाने का षड्यंत्र रच रही है इन विधेयकों में किसानों की फसल मंडी से बाहर बिक्री पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिकने की कोई गारंटी नहीं दी गई।
कानून से मंडी सिस्टम खत्म हो जाएगा और मंडी से बाहर बड़े बड़े पूंजीपति और बड़ी कंपनियां किसानों की फसलों को औने पौने दामों पर खरीदेगी। इसके साथ ही आढ़ती उनकी दुकान पर काम करने वाले मुनीम और मजदूर के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर है। संसद से सड़क इन अध्यादेशों का पुरजोर विरोध होने के बावजूद राज्यसभा में गलत दिवस जिस प्रकार से दो अध्यादेशों को जबरदस्ती पारित किया, वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन कहा जाएगा।
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अरोड़ा ने कहा कि किसानों के नाम पर और भाजपा के विरोध में वोट मांग कर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सत्ता के लालच में भाजपा की गोदी में जा बैठे हैं और किसान हितैषी होने का ड्रामा रच रहे हैं। यदि जजपा के नेता अपने आप को चौधरी देवीलाल का अनुयायी और किसानों का हितैषी मानते हैं तो उन्हें सत्ता का मोह त्याग कर भाजपा का साथ छोड़ देना चाहिए। जजपा के कुछ विधायक किसान आंदोलनों में शामिल होकर केवल घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जबकि 20 सितंबर के किसान आंदोलन में प्रदर्शनकारी जजपा विधायकों के दोहरे चेहरे को पहचानते हुए कई जगह पर विरोध एवं नारेबाजी कर चुके हैं। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश महासचिव पवन गर्ग, गगनजोत संधू, सुभाष पाली, जलेश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, विवेक मेहता, हरीष कवातरा, ओमप्रकाश, पवन चौधरी, सुनीता नेहरा, निशी गुप्ता, प्रवेश राणा, नीलम बड़ौंदा, सुनीता बतान, सुभाष हुड्डा, रणबीर बुरा और चंद्रभान बाल्मीकी सहित अन्य मौजूद रहे।
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