कुरुक्षेत्र। व्यावसायिक गैस की किल्लत को कम करने के लिए सरकार ने इसके लिए कोटा तय कर दिया है जिसके तहत जिले में 150 सिलिंडर आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह आवंटन उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की निगरानी में ही होगा।
प्रशासन की ओर से बनाई कमेटी में डीएफएससी के अलावा, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
डीएफएससी नरेश कुमार ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, एनआईटी, स्कूलों में मिड डे मील, सुपर-100 संस्थान, सरकारी अस्पताल जैसे संस्थानों को प्राथमिकता से व्यावसायिक गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को पीएनजी कनेक्श लेने चाहिए, जहां से आसानी से गैस उपलब्ध हो रही है।
रसोई गैस व्यावसायिक प्रयोग की तो होगी कार्रवाई
डीएफएससी नरेश कुमार ने कहा कि पूरे जिले में निगरानी की जा रही है, ताकि रसोई गैस का व्यावसायिक प्रयोग न किया जा सके और कालाबाजारी न होने पाए। अब तक 16 सिलिंडर बरामद किए जा चुके हैं। ऐसा पाए जाने पर मामला दर्ज करवाने तक का प्रावधान है।
गैस एजेंसियों पर स्टॉक हुआ खत्म, भटकते रहे उपभोक्ता
रसोई गैस के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग होने लगी है और उपभोक्ताओं को सिलिंडर भी मिलने लगे हैं। इसी बीच बढ़ती मांग के चलते ही बुधवार को कुछ एजेंसियों का स्टॉक खत्म हो गया जिसके कारण उपभोक्ताओं को भटकना पड़ा। कई जगह घंटोंभर लाइन में भी लगना पड़ा। गैस एजेंसी संचालक अगले दिन वीरवार को स्टॉक आने का दावा करते रहे। डीएफएससी नरेश कुमार ने कहा कि उनके पास किसी गैस एजेंसी के स्टॉक खत्म होने की सूचना नहीं है। वीरवार को एजेंसियों के स्टॉक की जांच कराई जाएगी।
कुरुक्षेत्र। गैस एजेंसी के बाहर लगा नोटिस। संवाद