स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने शहर में क्वाइंस वेडिंग मशीन लगाई है। एटीएम की तर्ज पर काम करने वाली यह मशीन सिक्कों की जरूरत पूरा करने के लिए एसबीआई के करेंसी चेस्ट ऑफिस (मेन ब्रांच) में स्थापित की गई है। सिक्के निकालने वाली यह मशीन लगाने वाला एसबीआई पहला बैंक बन गया है।
अब तक कई उपभोक्ता इस मशीन से सिक्के निकाल चुके हैं। वैसे तो यह मशीन एटीएम की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि क्वाइंस वेडिंग मशीन में एटीएम कार्ड नहीं, बल्कि नोट डालना पड़ता है। उपभोक्ता को जितने रुपये के सिक्के चाहिए, वह उतने का ही नोट मशीन में डाल देता है। इसके बाद मशीन सिक्के निकाल देती है। एसबीआई ब्रांच मैनेजर चमन लाल चौहान ने बताया कि बैंक द्वारा एक नई मशीन कार्यालय में लगाई गई है, जिसमें गांधी सीरीज के 10, 20, 50 व 100 रुपये के नोट डालकर उससे 1, 2, 5 व 10 रुपये के सिक्के निकाल सकते हैं।
सिक्कों की ब्लैक पर लगेगी रोक
शहर में सिक्कों की ब्लैक पर अब शायद रोक लग जाए। मालूम हो कि विभिन्न कॉलोनियों में छोटी दुकानें कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे कुछ लोग सिक्के जोड़कर 10 रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। 90 रुपये के सिक्के लेकर ये दुकानदार बाजार में दुकानदारों के पास आते हैं और उनसे इसके एवज में 100 रुपये का नोट लेते हैं। बाजार के दुकानदारों को सिक्कों की अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए मजबूरी में 90 रुपये के सिक्के लेकर 100 रुपये देने पड़ रहे हैं, लेकिन अब इस मशीन के लगने से सिक्कों की कमी पूरी हो जाएगी।