पिहोवा उपमंडल स्तर पर मंगलवार को मुख्यमंत्री व लोगों के बीच का फासला उस समय खत्म हो गया, जब यहां मुख्यमंत्री समस्या निवारण पटल (सीएम विंडो) शुरू की गई। शहर का आम नागरिक भी अब अपनी जायज शिकायत को मुख्यमंत्री के पास भेजने में सक्षम हो गया है। विंडो की शुरुआत एसडीएम अजय चोपड़ा ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीएम विंडो के जरिये शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। महज दो घंटे के अंदर चंडीगढ़ सीएम सेल से शिकायत संबंधित अधिकारी के पास समाधान करने के लिए भेज दी जाएगी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी। इतना ही नहीं, 15 दिनों के अंदर अधिकारी को संबंधित व्यक्ति की समस्या का समाधान कर सूचित भी करना होगा।
एसडीएम ने विंडो के जरिये शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया का अवलोकन भी किया और कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आह्वान पर पूरे प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त और प्रशासनिक कार्य प्रणाली को पारदर्शी बनाने की पहल शुरू की गई है। पिहोवा में सीएम विंडो शुरू होने से अब उपमंडल के लोग सीधे अपनी शिकायत मुख्यमंत्री को दर्ज करवाने में सक्षम होंगे। इस प्रणाली से 15 दिनों के अंदर-अंदर लोगों की शिकायतों का घर बैठे निवारण होगा। इस पारदर्शी प्रणाली से लोगों की समस्याएं दूर होंगी और लोगों की आत्मसंतुष्टि भी होगी। उपमंडल स्तर पर सीएम विंडो को शुरू करना राज्य सरकार का एक अद्वितीय कदम है।
लोगों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सीएम विंडो के माध्यम से लोगों की शिकायत सीधे सीएम के दरबार में पहुंचेगी और समय-समय पर एसएमएस के जरिए लोगों को शिकायत की प्रगति पर अपडेट भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री समस्या निवारण पटल के माध्यम से लोगों की शिकायतों का निर्धारित समयावधि से पहले जवाब देना होगा। इस मामले में जरा सी भी कोताही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि सीएम विंडो में अपनी जायज मांगों को ही रखें और शिकायत पर अपना मोबाइल नंबर भी जरूर अंकित करें।
झूठी शिकायत करने वाले के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
एसडीएम ने कहा कि सीएम विंडो में केवल जायज शिकायत को ही दर्ज करवाया जाए। सीएम विंडो के माध्यम से झूठी शिकायत दर्ज करवाकर सरकार व प्रशासन का समय और पैसा बर्बाद करने के लिए शिकायत करने वाले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता को शिकायत पर मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा। जिस शिकायत पर मोबाइल नंबर नहीं होगा, उस शिकायत को सीएम विंडो पर नहीं लिया जाएगा।