मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इस महोत्सव में रिकॉर्ड एक लाख 10 हजार खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में भाग लेकर प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदेश में पूरे वर्ष खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल कैलेंडर तैयार किया जाता है जिसके तहत खेल महाकुंभ, अखाड़ा दंगल, मुक्केबाजी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी, बास्केटबॉल, हैंडबॉल सहित अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। प्रदेश में 11 वर्ष पहले खेलों के लिए एक स्पष्ट विजन तैयार किया गया था जिसका उद्देश्य हर बच्चे को खेल से जोड़ना, हर गांव में खेल का मैदान बनाना और खेल के प्रति रुचि रखने वाले हर युवा को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा को खेलों की नर्सरी कहा जाता है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में तिरंगा ऊंचा किया है। प्रदेश में 1472 खेल नर्सरियां संचालित हैं जिनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जाती है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021 लागू किए गए हैं जिसके तहत 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब तक 16,418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ 15 लाख रुपये के नकद पुरस्कार और 24 हजार से अधिक छात्रों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। साथ ही 15,634 खिलाड़ियों को खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव-2025 का केवल समापन नहीं बल्कि कुरुक्षेत्र में खेलों के नए युग की शुरुआत है। उनका सपना है कि हर गांव में खेल सामग्री और प्रशिक्षक उपलब्ध हों। आगामी एक वर्ष में खेल स्टेडियम और दो वर्षों में हर गांव में जिम का सामान उपलब्ध कराया जाएगा।