कुरुक्षेत्र। सीएम फ्लाइंग की टीम ने सेक्टर-सात में कृषि एवं कल्याण विभाग में दस्तक दी। इस औचक निरीक्षण से विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टीम ने आते ही कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर जांचा, जिसमें एक क्लर्क सहित कुछ कर्मी अवकाश पर मिले, मगर उनका अवकाश किसी अधिकारी की ओर से स्वीकृत नहीं पाया गया। इसके अलावा कई कर्मी आधे दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे। टीम ने सरकारी योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाला, जबकि सीएम विंडो की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रभारी राजवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने सुबह पौने 10 बजे कार्यालय का निरीक्षण किया। करीब नौ घंटे तक टीम ने कार्यालय का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। डीएसएल के तहत कार्यालय का बजट 2,38,75,560 रुपये था, जिसमें कार्यालय की ओर से 2,36,83,310 रुपये निकाले गए, जबकि 1,92,250 रुपये मिलान न होने की वजह से सरेंडर हो गए। वहीं फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कुल 23,397 किसान ने 196717.13 एकड़ के लिए रजिस्टर किया गया। इसमें 20139 किसानों का 173945.836 एकड़ क्षेत्र सत्यापित किया गया साथ ही किसानों के योजना के तहत कुल 53,950 रुपये लंबित पाए गए।
उधर, विभाग की सीएम विंडो पर कुल सात शिकायत आई थी। इन शिकायतों पर विभाग की ओर से लंबे समय तक भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि जन संवाद की 13 और समाधान शिविर की चार शिकायतों पर कार्रवाई की गई थी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जून में 17वीं किस्त के तहत 40,993 किसानों के बैंक खातों में 8,19,86,000 रुपये राशि प्रदान की गई। जिला स्तर पर 1,861 आवेदन तस्दीक किए गए, जिसमें दो लंबित व 21 को रद्द किया गया। इसके अतिरिक्त ब्लॉक स्तर पर 1,866 आवेदन तस्दीक किए गए, मगर 911 लंबित व 5,544 आवेदन पोर्टल के अनुसार रद्द किए गए। वहीं प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि यह रुटीन जांच थी। इसकी रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जाएगी। आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र। रजिस्टर की जांच करती सीएम फ्लाइंग टीम ।
कुरुक्षेत्र। रजिस्टर की जांच करती सीएम फ्लाइंग टीम ।