कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि सनातन संस्कृति में नव वर्ष का स्वागत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा से है। जरूरतमंद लोगों का सहयोग व सेवा की जाती है। जग ज्योति दरबार में भी नव वर्ष के स्वागत में 31 दिसंबर को महा अनुष्ठान होगा जो नव वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी तक चलेगा। महंत पुरी ने श्रद्धालुओं से कहा कि अपने क्षेत्र में प्रभातफेरी और मंगलाचरण करते हुए नव वर्ष का स्वागत करें। गृह शुद्धि के लिए घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें। मुख्य द्वार पर आम के पत्तों और फूलों से तोरण (बंदनवार) लगाएं। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य मिलकर अपने इष्टदेव, भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और नवग्रहों की पूजा करें। शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें, मंत्रोच्चारण करें, आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।