पिछले एक सप्ताह में जहां रोजाना सूर्य देव के दर्शन होने से लोगों को राहत मिली, वहीं रविवार को कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। दिनभर चली शीत लहर ने लोगों की कंपकंपी छुड़ाई। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। वहीं छुट्टी होने के चलते लोगों ने घरों से बाहर निकलना उचित भी नहीं समझा। सुबह 7 बजे का न्यूनतम तापमान मात्र 05 डिग्री रहा, जबकि दृश्यता करीब 10 से 15 मीटर रही। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वाहन रेंग कर चले व सड़कों से सफेद पट्टी भी नजर नहीं आई। वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। कड़ाके की ठंड पड़ने से मजदूरी करने वाले लोगों का काम बंद रहा।
स्वास्थ्य विभाग अनुसार बदलता मौसम स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। जिसके चलते सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले दिनों में न्यूनतम तापमान घटकर 4 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं इस हफ्ते मौसम परिवर्तनशील रहेगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी गेंहू की फसल के लिए फायदेमंद रहेगी जबकि धूप सब्जियों की फसल के लिए अच्छी रहेगी।
झुग्गी में रह रही नैना का कहना है कि न हमारे पास रहने के लिए जगह है और न ही गुजारा करने का कोई साधन। अब ठंड पड़ने से कुछ काम भी नहीं मिल रहा, जिससे भूखे मरने की नौबत आई हुई है। डिंपल ने कहा कि उनके पति रिक्शा चलाते हैं। ठंड बढ़ने से काम नहीं मिल रहा, जिसके चलते कई बार उन्हें भूखा ही रहना पड़ता है। रहने के लिए कोई आसरा नहीं है जिससे कंपकंपाती ठंड ने उनका जीना मुश्किल किया हुआ है।