पांच माह 21 दिन बाद वीरवार को पंचायत भवन के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक हुई। सुबह साढ़े 10 बजे ही फरियादी पंचायत भवन पहुंच चुके थे। शिकायतों के निवारण की आस लगाए फरियादियों को समिति की चेयरपर्सन का इंतजार करना पड़ा। बैठक शुरू होने का समय 11 बजे का था, लेकिन समिति की चेयरपर्सन महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा 11 बजकर 40 मिनट पर बैठक में आईं, तब जाकर बैठक शुरू हुई। तीन घंटे चली बैठक में राज्यमंत्री के समक्ष 16 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से कुछ शिकायतों का पहले ही समाधान हो चुका था। बाकी शिकायतों के लिए समय सीमा तय की गई।
बैठक में शिकायतकर्ता दर्रा खेड़ा वासी एनके शर्मा ने कहा कि वार्ड नंबर 29 व 30 के बीच वाली गली का निर्माण किया गया था, जिसमें उनके घर के सामने 100-150 मीटर का टुकड़ा नहीं बनाया गया था। दो बार यह सड़क बनी, लेकिन दोनों बार सड़क के बीच का यह टुकड़ा नहीं बना। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बीच में सड़क का टुकड़ा न बनाकर गबन किया गया है। इस मामले में वें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।
वहीं आरोप लगाया कि बार-बार कॉल करने पर भी अधिकार उनका फोन नहीं उठाते, ऐसे में समस्या का समाधान कैसे होगा। राज्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए समिति के दो सदस्यों को अधिकारियों के साथ मौके पर मुआयना करने के आदेश दिए। वहीं अधिकारियों को कार्यालयों में आने वाले आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने को कहा। बैठक में मंच का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया।
इस मौके पर शुगर फेड के चेयरमैन व शाहाबाद विधायक रामकरण काला, हरियाणा घुमंतू विमुक्त जाति आयोग के उपाध्यक्ष जयसिंह पाल, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, उपायुक्त मुकुल कुमार, एसपी डॉ. अंशु सिंगला, एडीसी अखिल पिलानी सहित अन्य अधिकारी और समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
इंद्रा कॉलोनी वासी अक्षय गुप्ता ने शिकायत रखी कि वह निजी स्कूल में लेक्चरर थे। स्कूल प्रशासन ने उन पर आरोप लगाते हुए उन्हें 2018 में स्कूल से हटा दिया था। 2018 में उन्होंने सीएम विंडो पर इसकी शिकायत दी थी, जिसकी जांच कष्ट निवारण समिति को सौंपी गई थी। समिति ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी की जांच के दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा 2019 में एक पत्र सौंप गया, लेकिन उस पत्र को 2014 का दिखाया गया। स्कूल प्रशासन का कहना था कि उन्होंने 2014 में लेक्चरर को नोटिस दिया था। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने भी माना कि स्कूल द्वारा ऐसा किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की कि उन्हें जब से स्कूल से निकाला गया था, तब से लेकर अब तक का वेतन जारी दिया जाए। इस पर राज्यमंत्री ने डीईओ को संबंधित मामले में प्रार्थी को स्कूल प्रबंधन से बैठक कराने के निर्देश दिए।
-गांव मिर्जापुर के रहने वाले बीरु राम की थी, शिकायतकर्ता का कहना था कि उनकी खरीफ फसल का बीमा उन्हें नहीं मिला है। इसपर एलडीएम ने बताया कि संबंधित शिकायत कृषि विभाग की प्रदेश स्तर पर बनी ग्रीवेंस में रेफर कर दिया गया है। इस शिकायत को संबंधित एजेंडे से फाइल करने के निर्देश दिए गए।
- पिहोवा के रहने वाले गौरव कुमार का कहना था कि वे अस्थाई तौर हरको बैंक में कार्यरत थे, लेकिन एजेंसी बदलने के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इस पर नगराधीश ने बताया कि जिस एजेंसी के तहत गौरव काम करता था, उसका अनुबंध खत्म हो गया था और नई एजेंसी ने इसको नहीं रखा था तथा पीएफ के लिए इस्माईलाबाद पुलिस को एफआईआर के लिए लिखा गया है। इस शिकायत को भी फाइल करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-खजान सिंह ने बताया कि उसका छोटा भाई बिजली विभाग में कार्यरत था और उसकी ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस पर एडीसी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति को विभाग के नियमानुसार राशि दी जा चुकी है, लेकिन शिकायतकर्ता के न मानने पर विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि वे जल्द ही खजान सिंह की बिजली विभाग के एमडी से मिलवाएंगे ताकि शिकायत का समाधान हो सके।
-मंदीप सिंह विर्क ने अपनी शिकायत रखते हुए कहा कि गांव अजमतपुर में पंचायती जमीन से पेड़ काटे गए हैं, इस पर डीडीपीओ ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित बीडीपीओ ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले को फाईल कर दिया है, लेकिन मंत्री के संतुष्ट न होने पर व सदस्य के अनुरोध पर एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। इस कमेटी में समिति के दो सदस्य भी शामिल होंगे।
-गांव मिर्जापुर के रहने वाले सूरजभान है ने बताया कि गांव मिर्जापुर के ग्राम सचिव से रिकवरी करनी थी, इस पर डीडीपीओ बताया कि मामला डीसी कोर्ट में लंबित है।