फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदेश में बागवानी क्षेत्र बढ़ाने के लिए सब-ट्रॉपिकल सेंटर में फलों के तैयार किए जाएंगे 55 हजार पौधे

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश के हर जिले में लोगों को मीठे-मीठे आम और अन्य फल खाने को मिलेंगे। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से लाडवा के उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र (सब-ट्रॉपिकल सेंटर)की नर्सरी में आम की 27 किस्मों के साथ-साथ आडू, किन्नू, आलूबुखारा, नास्पत्ति, जामुन, अमरूद, पपीता, अनार, शहतूत,बब्बूगोशा व ड्रैगन फ्रूट की भी अलग-अलग किस्मों को लगाया जा रहा है। इस वर्ष इस नर्सरी से किसानों को 30 हजार फलदार पौधे वितरित किए जा रहे है। अहम पहलू यह है कि आने वाले वर्ष में 55 हजार फलों के पौधे तैयार करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। उप-उष्णकटिबंधीय फल केंद्र लाडवा के उप-निदेशक डा. बिल्लू यादव ने सोमवार को उद्यान विभाग हरियाणा की तरफ से आयोजित 3 दिवसीय मैंगो उत्सव के समापन समारोह के दौरान विशेष बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सब-ट्रॉपिकल सेंटर की तरफ से भी किसानों को धान की फसल लगाने की बजाए बागवानी को अपनाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। इसलिए इस सेंटर में आम और फल उत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस सेंटर में अच्छी वैरायटी के फलदार पौधे भी नर्सरी में तैयार किए जा रहे है। इस वर्ष आम की 27 किस्मों के साथ-साथ आडू, किन्नू, आलू बुखारा, नास्पत्ति, जामुन, अमरूद, पपीता, अनार, शहतूत आदि की पौध को तैयार किया गया है और 30 हजार फलदार पौधे किसानों को वितरित करने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को दुगना करने के लिए आने वाले वर्ष में 55 हजार फलदार पौधों की पौध तैयार की जाएगी। इन पौधों से लोग बागवानी को अपना सकते है, इस फसल को लगाने से धान की फसल के मुकाबले चौथा हिस्सा पानी का खर्च होता है और बागवानी को ड्रिप इरिगेशन के जरिए किया जा सकता है। इतना ही नहीं सरकार की तरफ से बागवानी बाग लगाने पर 50 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जाता है। यह अनुदान एमआईडीएच योजना के तहत दिया जाता है। इस सब-ट्रॉपिकल सेंटर में किसानों को बागवानी के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है और हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसान लगातार इस सब ट्रॉपिकल सेंटर में पहुंचते है, इस समय इस सब-ट्रॉपिकल सेंटर के साथ 2 से 3 हजार किसान जुड़े हुए है। उपनिदेशक ने कहा कि आम उत्सव के दौरान आने वाले किसानों को आम की अलग-अलग किस्मों के अलावा, अनार, अमरूद, नाशपाती, बब्बूगोशा फल को भी खूब पसंद किया। इन फलों को देखकर किसानों ने नर्सरी से पौधे भी प्राप्त किए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें