ऑस्ट्रेलिया की जेल में बंद विशाल जूड की रिहाई की मांग को लेकर सैकड़ों युवा शुक्रवार को सड़कों पर उतरे और पिपली-थर्ड गेट मार्ग पर नए बस अड्डे के सामने जाम लगा दिया। इस दौरान युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार से जल्द से जल्द विशाल को रिहा कराने की मांग की। दोपहर करीब आधे घंटे के जाम से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बस अड्डा परिसर से भी कोई बस बाहर नहीं आ सकी और न ही कोई बंस अंदर जा सकी, जिससे यात्री परेशान रहे। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और व्यवस्था संभाली। उधर प्रदर्शनकारी युवाओं ने पुलिस द्वारा डायवर्ट मार्ग को भी जाम कर दिया, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस ने समझा बुझाकर खुलवाया। युवाओं ने उपायुक्त का मौके पर बुलाने की मांग रखी और तेज धूप में सड़क पर बैठ गए। पुलिस के समझाने पर करीब साढ़े 12 बजे युवाओं ने जाम खोला और फिर लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे और यहां जमकर देश प्रेमी नारे लगाए। वहीं विशाल के पिता नाथी राम ने सीटीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और विदेश मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि उनका पुत्र विशाल जूड उर्फ राहुल 2017 में पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में गया था। वहां अपना खर्च निकालने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाईम काम भी करता था। 26 जनवरी 2021 को दिल्ली में लाल किले पर तिरंगे के अपमान जो घटना घटी थी। उस समय भारतीय छात्रों द्वारा ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में तिरंगे के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। उसी समय दूसरी तरफ भारी संख्या में कट्टर विचारधारा के लोग एकत्रित होकर भारतीय तिरंगे को पैरों में कुचलने लगे व भारत सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। जिसको देखकर विशाल जूड ने उनके बीच में जाकर तिरंगा लहराकर भारत जिंदाबाद के नारे लगाने लगा। विरोध में उन लोगों ने विशाल के साथ मारपीट की। उस घटना के कुछ दिन बाद वहां कट्टरपंथी विचारधारा के लोगों ने उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर लिया। 2 से 3 माह से वह जेल में बंद है। जेल में उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हुई है और वह मानसिक रूप से भी परेशान हुआ है। उन्होंने मांग की कि विशाल को जल्द से जल्द ऑस्ट्रेलिया की जेल से रिहा कराया जाए और सुरक्षित वापस भारत लाया जाए।
इस दौरान परिजनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विशाल को जल्द से जल्द रिहा नहीं कराया जाता तो 36 बिरादरी उनके साथ हैं। जल्द ही बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन सहित अन्य कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
बता दें कि विशाल की रिहाई की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र लोकसभा सांसद नायब सिंह सैनी और करनाल के सांसद संजय भाटिया भी दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर चुके हैं, जिस पर विदेश मंत्री ने रिहाई के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया हुआ है।