गेहूं खरी के पहले दिन जिले के सभी 56 खरीद केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहा। पहले दिन कोई खरीदारी नहीं की गई। गेहूं खरीद के पहले दिन मंडियों में आढ़तियों ने बही पूजन के साथ शुरुआत की। लेकिन पहले दिन कोई खरीद नहीं हुई। वहीं थानेसर नई अनाज मंडी में बिना मैसेज एक किसान गेहूं की ढेरी लेकर पहुंच गया, लेकिन कोई खरीदार न मिलने पर शाम को गेहूं वापिस लेकर घर लौट गया। जिला प्रशासन द्वारा इस बार 5 लाख 53 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य रखा है। पहले दिन जिले के सभी 56 खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। प्रशासन द्वारा पिछले एक सप्ताह से तैयारियां पूरी होने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन मंडियों में व्यवस्था अभी भी चौपट है। खरीद को लेकर उपायुक्त ने लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक भी बुलाई और किसानों, आढ़तियों व मजदूरों को सीजन में किसी प्रकार की दिक्कत न आने को लेकर दिशा निर्देश दिए। अमर उजाला टीम ने जब थानेसर में मंडी में जाकर ग्राउंड लेवल पर जांचा तो हर तरफ अव्यवस्थाएं नजर आई। मंडी में से अभी भी धान के सीजन का कबाड़ ही नहीं उठाया गया है। दुकानों के पीछे गंदगी के ढेर हैं। वहीं दूसरी ओर आढ़तियों को अभी तक बारदाना भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। आढ़तियों का कहना है कि सीजन के पहले दिन किसी अधिकारी ने मंडी में आकर भी नहीं देखा और न ही खरीद एजेंसियों की कोई लिस्ट उन्हें अभी तक मिल पाई है। इतना ही नहीं अभी तक तो उन्हें यह भी मालूम नहीं हुआ है कि प्रशासन ने खरीद को लेकर मंडी का नोडल अधिकारी किसे नियुक्त किया है। जिले की सभी मंडियों में फिलहाल यही स्थिति है।
गांव उदारसी से किसान राजेश 15 क्विंटल गेहूं लेकर थानेसर नई अनाज मंडी पहुंचा था, लेकिन दिनभर कोई खरीदार न मिलने पर गेहूं लेकर वापिस लौट गया। राजेश ने बताया कि उनसे 23 मार्च को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर अपनी फसल का पंजीकरण कराया था, एक माह बीत जाने के बाद भी उसके मोबाइल फोन पर फसल मंडी लाने के लिए कोई संदेश नहीं आया। उसकी फसल पक कर तैयार हो चुकी है, जिसे वह पहले ही दिन मंडी लेकर पहुंच गया, लेकिन अधिकारियों ने उसका गेट पास नहीं काटा, जिस कारण शाम को फसल लेकर वापिस लौटना पड़ा।
थानेसर अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव हरविंद्र बंसल ने कहा कि उन्हें अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया है। मंडी में शेड के नीचे कई बारदाने रखे तो हुए हैं, लेकिन यह हैं किसके अभी कुछ पता नहीं। वहीं मंडी में पुलिस पेट्रोलिंग के लिए उन्होंने उपायुक्त से मांग की थी, लेकिन अभी तक किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। कहा कि सरकार पोर्टल से किसानों स
आढ़ती टेक सिंह ने कहा कि गेहूं में इस बार 12 प्रतिशत नमी निर्धारित की गई है। पिछले साल यह 14 प्रतिशत थी। किसान अपनी फसल का वजन कराकर आढ़ती के पास ले आते हैं, लेकिन कई दिनों तक खरीद व उठान न होने से फसल के दाने का वजन कम हो जाता है, जिसका नुकसान आढ़ती को उठाना पड़ता है। इस ओर प्रशासन कोध्यान देना चाहिए। वहीं मंडी में अभी भी गंदगी पसरी हुई है, जोकि किसानों, मजदूरों व आढ़तियों के लिए बड़ी समस्या है।
जो किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हो पाए है, उनकी सुविधा के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल 5 और 6 अप्रैल को खोला जाएगा। इसलिए जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है, वे किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते है।