इस्माईलाबाद। किसानों के लिए कोई न कोई मुसीबत बनी ही रहती है। कभी प्रकृति उनके अरमानों पर पानी फेर देती है तो कभी जंगली नीलगाय उनके सपनों को तार-तार कर देते हैं। अब क्षेत्र के किसानों के लिए नीलगाय बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। नीलगायों का झुंड गेहूं की फसल में घुसकर नुकसान पहुंचा रहा है। फसल को बचाने के लिए किसान सर्द रातों में खेतों में मचान बनाकर अपनी फसल की रखबाली कर रहे हैं।
रात के समय खेतों में फसल को नील गाय द्वारा नुकसान पहुंचाना से किसानों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। इस समय गेहूं की फसल खेतों में लहरा रही है तथा गेहूं का पौधा भी फुटाव कर रहा है। ऐसे में नील गाय से फसल को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। किसान संजीव कुमार, अश्वनी सैनी, विक्की धीमान, बलदेव जलबेहड़ा, अनिल कुमार, विष्णुदत्त शर्मा आदि ने बताया कि क्षेत्र में नील गायों की संख्या बढ़ती जा रही है। नील गायों का झुंड शाम के समय खेतों में घुस जाता है और खेत में खड़ी गेहूं की फसल को खाने के साथ पैरो तले रौंद देता है, जिससे गेहूं की फसल में खासा नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि नील गायों के झुंड को खेतों से निकालना भी किसानों के लिए परेशानी बना हुआ है। अकेले किसान को देख नील गायों का झुंड किसान पर हमला भी कर देता है। जिससे किसानों में भय की स्थिति भी बनी हुई है। किसानों ने कहा कि कड़ाके की सर्दी में उन्हें खेतों में बैठ कर गेहूं की रखवाली करनी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग रखी है कि नील गायों व आवारा पशुओं को पकड़ कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।