पिपली अनाज मंडी में आज आयोजित होने वाली किसान रैली को लेकर किसान व प्रशासन आमने सामने आ गए हैं। जहां कोरोना वारयरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को रैली करने की अनुमति नहीं दी। वहीं किसान नेताओं को कहना है कि चाहे जो भी हो ये रैली जरूर होगी। इस दौरान विपक्षी दलों के समर्थन में आने से किसानों का हौसला और बढ़ गया है। इस दौरान किसानों को रैली स्थल पर पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन ने जिलेभर में 54 नाके लगाकर 600 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया है। इतना ही नहीं व्यवस्था के तौर पर मंडी की बैरिकेडिंग कर बस, क्रेन व फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई है। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने बुधवार देर सायं पिपली अनाजमंडी में पहुंचकर अधिकारियों की बैठक भी ली और रैली के संबंध में निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना केस लगातार बढ़ते जा रह है। ऐसे में लोगों और किसानों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 10 सितंबर की पिपली अनाजमंडी किसान रैली के लिए अनुमति नहीं दी सकती है। प्रशासन अपील करता है कि किसान अपने घरों में ही रहे और रैली स्थल पर ना पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए प्रशासन ने पूरे कुरुक्षेत्र जिले में थ्री टॉयर से भी ज्यादा मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए है। इतना ही नहीं थानेसर, पिहोवा, शाहबाद, और लाडवा में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए है। अहम पहलु यह है कि पूरे कुरुक्षेत्र जिले में 54 पुलिस नाके भी लगाएं गए है। यदि फिर भी कोई किसान रैली में शामिल होने के लिए पिपली पहुंचता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिजर्व पुलिस के साथ 600 पुलिसकर्मी तैनात: एसपी
एसपी आस्था मोदी ने कहा कि इस रैली में प्रदेश से लोग न पहुंचे इसके लिए संबंधित थानों के माध्यम से भी किसानों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे जिले में 54 नाके लगाएं गए है और विभिन्न लेयर में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंध किए गए है। इसके लिए रिजर्व पुलिस फोर्स के साथ 600 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद होकर अपनी ड्यूटी करेंगे। सभी नाकों पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को वापस भेजा जाएगा। इस मौके पर एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम अखिल पिलानी, डीएमसी नरेंद्र मलिक, डीएसपी रविंद्र तौमर, जीएम रोडवेज अश्वनी डोगरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक दिन पहले किसान नेता हुए अंडरग्राउंड
रैली को लेकर प्रशासन की ओर से किसान नेताओं को नोटिस देने के साथ उनके घर के चक्कर भी काटे जा रहे हैं। इससे किसान नेता अपने मोबाइल फोन घर पर छोड़कर एक दिन पहले अंडरग्राउंड हो गए। ये सभी किसान नेता आज सीधे रैली स्थल पर पहुंचेंगे। कोरोना काल में रैली करने को लेकर उनके घरों के बाहर नोटिस चस्पाया गया था कि कोरोना के चलते पिपली रैली में की जाए।
भाकियू नेता ने जारी की विडियो, बताई सरकार की बौखलाहट
भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने वीडियो जारी कर कहा है कि पिपली में जो रैली रखी गई, उससे सरकार बौखला गई है। प्रशासन ने एक नोटिस उसके घर के बाहर चिपकाया है व दूसरा नोटिस घर देने आए थे, जिसको लेने से इंकार कर दिया है। चढूनी ने कहा कि सरकार द्वारा उन्हे गिरफ्तार किया जा सकता है और किसानों को रोका जा सकता है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि सरकार लोगों को आने से न रोके। यदि नाके लगाए जाते हैं और किसान रोड जाम करते हैं तो सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक अरोड़ा ने किसान रैली पर सरकार द्वारा रोक लगाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर किसान रैली पर रोक लगाना असंवैधानिक है। रैली पर रोक लगाने की बजाय सरकार को चाहिये था कि इस रैली में कोरोना को लेकर जारी गई एडवाजयरी को लागू कराने के साथ अनुमति देती। उन्होंने कहा कि कानून और दिशानिर्देश प्रत्येक देशवासी पर लागू होते हैं। एक ओर तो भाजपा के नेता हजारों की भीड़ जुड़ा कर सोशल डिस्टेंट की धज्जियां उड़ाकर कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं वहीं नीतियों के खिलाफ जब किसान, व्यापारी या अन्य लोग एकत्रित होते हैं तो उन्हें कोरोना और एडवायजरी के नियम बताकर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने का काम किया जाता है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव सुभाष पाली, सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी प्रेम चंद गांगल, नरेंद्र शर्मा निंदी, पार्षद अमित गर्ग शैंकी, पूर्व सरपंच रणबीर बुरा, पूर्व पार्षद गौरव शर्मा गौरी, सुभाष हुड्डा, रूबल शर्मा मथाना और मनोज अमीन इत्यादि मौजूद रहे।
पिपली किसान रैली से घबराई भाजपा: आर्य
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र आर्य ने कहा कि सरकार अपनी बौखलाहट में प्रदेश के किसानों को संघर्ष के लिए उकसा रही है। पूरे प्रदेश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है। सरकार इसे हटाए। कृषि में कॉरपोरेट सेक्टर के महामारी काल में किसान विरोधी प्रयोग तीन काले अध्यादेश को वापसी के लिए पिपली में आयोजित रैली को रोकने के लिए भाजपा सरकार बौखलाकर हर कायराना कदम उठा रही है।
सरकार डंडे के जोर पर दबा रही किसानों की आवाज: गर्ग
अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार किसान व व्यापारियों की आवाज डंडे के जोर से दबाना चाहती है जो सरासर गलत है। केंद्र व प्रदेश सरकार कोरोना महामारी में किसान, व्यापारी, मजदूर व आम जनता को सुविधा देने की बजाए कोरोना की आड़ में नए-नए फरमान जारी करके किसान व आढ़तियों को नाजायज तंग करने पर तुली है। जो किसी भी तरह देश के हित में नहीं है।