कुरुक्षेत्र के तीर्थों में से एक बाणगंगा नरकातारी में शरशैय्या पर लेटे भीष्म पितामह और जमीन में तीर मार कर गंगा की धारा को निकालते अर्जुन की प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके अलावा अभिमन्यु पुर (अमीन) में अभिमन्यु की विशालकाय प्रतिमाएं लगाने का काम शुरू हो चुका हैं। केडीबी की ओर से 10 दिन में इन प्रतिमाओं को लगाया जाएगा। ये प्रतिमाएं नोएडा में विश्वविख्यात मूर्तिकार रामसुतार द्वारा तैयार की गई हैं। धातु की ये मूर्तियां धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करेंगी।
एक मूर्ति अभिमन्युपुर (अमीन) में वीर योद्धा अभिमन्यु की लगाई जा रही हैं। जिसमें अभिमन्यु रथ का पहिया उठाए नजर आएंगे। वहीं बाण गंगा नरकातारी पर नोएडा से मूर्तियां तैयार होकर कुरुक्षेत्र पहुंच चुकीं हैं। अब इन्हें उचित स्थान पर लगाने का काम शुरू होगा। बाणगंगा में शरशैय्या पर लेटे भीष्म पितामह की 10 फुट की धातु की प्रतिमा और 9 फुट के अर्जुन की धातु प्रतिमाएं अलग अलग हिस्सों में यहां पहुंची है। इन मूर्तियों का उद्घाटन का समय अभी तय नहीं है। वहीं धर्मनगरी वासियों को सबसे ज्यादा इंतजार अब गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में लगाये जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप का है। ये विराट स्वरूप भी रामसुतार द्वारा नोएडा में तैयार किया जा रहा है। जहां बाणगंगा में लगाई जा रही भीष्म-अर्जुन की प्रतिमाएं 32 लाख रुपये के सरकारी अनुदान से तैयार की गई हैं, वहीं ज्योतिसर में लगने वाला विराट स्वरुप करीब 10 करोड़ रुपये में तैयार किया जा रहा है। नोएडा में इस विराट स्वरुप को फाइनल टच दिया जा रहा है। यानी यह तय है कि अगली गीता जयंती से पहले ज्योतिसर में विराट स्वरूप स्थापित होगा।