डीसी धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन करनाल द्वारा 15 फरवरी के बाद विदेशों से आए या विदेशी यात्रा कर लौटे लोगों को सरकारी सुविधाएं प्रदान करते हुए क्वारंटाइन किया जा रहा है। क्वारंटाइन से छूट में भी भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन किया जा रहा है। ऐसे लोगों को स्वास्थ्य प्रोटोकोल के मानकों के अनुसार कोविड-19 की रिर्पोट नेगिटिव होने पर ही क्वारंटाइन फैसिलिटी से छोड़ा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव होने पर उससे संबंधित समूह को क्वारंटाइन से छूट नहीं दी जा सकती। क्वारंटाइन से जाने के बाद अपने घर व अपने संबंधियों तथा रिश्तेदारों के पास जाने के लिए यातायात का प्रबंध संबंधित को स्वयं करना होगा। इसके लिए यात्रा से संबंधित पास प्रशासन द्वारा जारी किया जाएगा। यह यात्रा से संबंधित रूट पर ही निर्धारित अवधि के लिए मान्य होगा। इसके अतिरिक्त क्वारंटाइन से घर वापस जाने वाले संदिग्धों को घर में 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहना होगा। क्वारंटाइन से छोडे जाने वाले लोगों की सूचना राज्य सरकार के साथ आगामी कार्रवाई के लिए सांझा की जाएगी।
सब्जियों मंडियों से लोग अब सीधा नहीं खरीद सकेंगे सब्जियां व फल
डीसी धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रशासन ने अब आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के लिए कुछ समय निर्धारित किया है। अब इस निर्धारित समय के अनुसार ही दुकानें खुलेंगी। यह आदेश लॉकडाउन के दौरान 14 अप्रैल तक लागू होंगे। जारी आदेशों में कहा है कि घर-घर जाकर दूध व न्यूज पेपर की सप्लाई सुबह सात बजे तक ही की जा सकेगी, हालांकि होम डिलीवरी आवश्यक वस्तुओं के लिए जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति सीधा सब्जी मंडी से सब्जी और फल नहीं खरीद सकेगा। इसके लिए प्रशासन ने व्यवस्था बनाते हुए आदेश दिए है कि सामान्य पब्लिक के लिए फल और सब्जियों के लिए दुकानें सुबह 10 बजे से लेकर सांय 4 बजे तक खुली रहेंगी। मेडिकल की दुकानें रविवार को भी सुबह 10 बजे से सायं 4 बजे तक खुली रहेगी। अस्पतालों और नर्सिंग होम के परिसरों में दवाई विक्रेताओं की दुकानें 24 घंटे खुली रहेंगी। दूध वाली डेयरी में कार्य शाम के समय में होगा लेकिन दूध बेचने का सामान्य पब्लिक के लिए कार्य सुबह 10 बजे से लेकर सांय 4 बजे तक ही किया जा सकेगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।