थानेसर इकाई के प्रधान सुनील लोहत ने बताया कि कर्मचारी अब और भी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, तब तक न तो काम शुरू होगा और न ही हड़ताल खोली जाएगी।
अपनी मांगों को लेकर पिछले कई से हड़ताल पर चल रहे नगर निकाय के सफाई कर्मचारियों ने रात को शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा कूड़े के ढेरों की पहरेदारी की। कर्मचारियों को आशंका थी कि प्रशासन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कचरा उठवाने की कार्रवाई कर सकता है। इस आशंका के चलते सफाई कर्मचारी रात भर जागते रहे और कचरे के ढेरों के आसपास तैनात रहे।
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हड़ताल का कारण और कर्मचारियों की मांगें
नगर निकाय के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर में कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे गंदगी और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
रात भर पहरेदारी और प्रशासन से आशंका
सफाई कर्मचारियों को इस बात की चिंता सता रही थी कि प्रशासन उनकी हड़ताल को तोड़ने के लिए रात में कचरा उठवाने का प्रयास कर सकता है। इस आशंका के चलते, उन्होंने रात भर जागकर कूड़े के ढेरों की निगरानी की। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा कचरा उठाने के लिए टिप्परों को निकलवाने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।
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थानेसर इकाई प्रधान का बयान
थानेसर इकाई के प्रधान सुनील लोहत ने बताया कि कर्मचारी अब और भी सतर्क हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, तब तक न तो काम शुरू होगा और न ही हड़ताल खोली जाएगी। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा जबरदस्ती कचरा उठवाने नहीं दिया जाएगा।
राज्य स्तरीय नेताओं का आगमन और बड़े फैसले की उम्मीद
सुनील लोहत ने यह भी जानकारी दी कि उनके संगठन के राज्य स्तरीय नेता आज कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। उनके आगमन के बाद, हड़ताल को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच गतिरोध कब समाप्त होता है और शहर में सफाई व्यवस्था कब बहाल होती है।