जिसके चलते कस्बे के दुकानदारों व व्यापारी वर्ग ने अपनी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद कर शांतिपूर्वक रोष मार्च किया। हालांकि डीएसपी पिहोवा चंद्रपाल के समझाने के बाद दुकानदारों ने बाद में अपनी दुकानें खोल दी। दुकानदारों ने रोष प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करने व पीड़ित व्यापारियों व लोगों को मुआवजे की मांग की।
व्यापारियों ने बताया कि पिछले दिनों रोहतक, झज्जर सहित कईं अन्य शहरों में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने बेगुनाह लोगों की दुकानें, वाहन आदि में लूटपाट तथा तोड़फोड़ की थी। जिसके रोष स्वरूप कस्बे के सभी दुकानदारों ने सोमवार को अपनी दुकाने बंद करने का फैसला लिया। सोमवार सुबह ही दुकानदार बस अड्डे के समीप इक्ट्ठे हुए। हाथों में बैनर लेकर शांति मार्च कर रोष प्रदर्शन किया और अनाजमंडी से होते हुए उपतहसील पहुंचे। वहां उन्होंने नायब तहसीलदार हवासिंह को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। डीएसपी पिहोवा चंद्रपाल ने दुकानदारों व व्यापारियों को अपनी दुकानें खोलने के लिए समझाया। जिसपर दुकानदार अपनी दुकानें खोलने के लिए राजी हो गए। इस मौके पर बंटी शर्मा, नरेंद्र कौशल, राजू वधवा, चिरंजीव गर्ग, मनजीत सिंह, बंटी गुम्बर, विजय जोशी, नरेंद्र बिंदल, अरूण गुप्ता आदि उपस्थित रहे।