कुरुक्षेत्र। सवालों का जवाब देते अवतार गिल। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे आठवें हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेता अवतार गिल पहुंचे। गिल मंच पर पहुंचते ही हरियाणवी गीतों पर थिरकते नजर आए और दर्शकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
अवतार गिल ने अपने फिल्मी कॅरिअर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अब तक 350 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और देव आनंद जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि जुबान इंसान को इंसान बनाती है, अगर आपकी जुबान सही है तो आधे से ज्यादा काम अपने आप हो जाते हैं। उन्होंने सिनेमा को केवल मनोरंजन का माध्यम न मानते हुए इसे समाज को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिनेमा और कला के क्षेत्र को गंभीरता से समझें और इसमें आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि आज का सिनेमा काफी संतुलित और तकनीकी रूप से विकसित हो चुका है, जहां कलाकारों को अपनी आवाज और अभिनय पर विशेष नियंत्रण रखना होता है। उन्होंने कहा कि सिनेमा ने उन्हें पहचान दी लेकिन उनकी जड़ें आज भी थियेटर से जुड़ी हुई हैं।
थियेटर और सिनेमा के अंतर पर उन्होंने बताया कि थियेटर में कलाकार को अपनी आवाज अंतिम पंक्ति तक पहुंचानी होती है जबकि सिनेमा में चेहरे के भाव और सूक्ष्म अभिनय अधिक महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि थियेटर से जुड़े कलाकार अक्सर मजबूत किरदार अभिनेता बनते हैं, जो लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिके रहते हैं।
हरियाणा और पंजाब के सिनेमा पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों को खुद इस पर विचार करना चाहिए कि उनका सिनेमा पंजाब से पीछे क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के कई कलाकार आज बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं लेकिन प्रदेश के सिनेमा को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
कुरुक्षेत्र। सवालों का जवाब देते अवतार गिल। संवाद