शहर की फॉर मरला कॉलोनी से मंगलवार देर शाम को संदिग्ध हालात में तीन बच्चे लापता हो गए। इसके बाद तीनों बच्चों के अभिभावकों के साथ सैकड़ों लोग सिटी पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। लापता बच्चों में शामिल माहिर धवन 15 साल, देवीगढ़ (पंजाब) स्थित एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र है वहीं उसी की कॉलोनी का लक्ष्य वर्मा (13 साल) भविष्य तनेजा (13 साल)हैं। ये दोनों ही बच्चें शहर के अलग-अलग स्कूल में 7वीं कक्षा के छात्र है। बच्चों के लापता होने से उनके परिवार का बुरा हाल है। हालांकि पुलिस की 5 टीम बच्चों की तलाश कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक बच्चों का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया था।
पुलिस में दर्ज शिकायत में फॉर मरला कॉलोनी निवासी चरणजीत सिंह ने बताया कि उसका 15 वर्षीय बेटा माहिर धवन देवीगढ़ (पंजाब) के एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता है। दिवाली पर्व के चलते स्कूल की मंगलवार तक छुट्टियां पड़ी हुई थी। स्कूल की छुट्टियों के चलते उसका बेटा माहिर अपने दो दोस्त लक्ष्य वर्मा व भविष्य तनेजा के साथ गुरुद्वारा रोड स्थित एक रेडिमेड कपड़े की दुकान पर बैठे थे। शाम करीब 6 बजे तीनों बच्चे दुकान से उठकर चले गए थे। देर रात तक तीनों बच्चे अपने घर नहीं पहुंचे तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने अपने स्तर पर उनकी तलाश करनी शुरू कर दी, लेकिन तीनों बच्चों का पता नहीं चल पाया। किसी अनहोनी घटना की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस को मामले की शिकायत दी। जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रपट दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी। उधर, पुलिस की शुरूआती जांच से पता चला कि गत मंगलवार की शाम करीब 6 बजे तीनों बच्चें पिहोवा से पिपली के लिए निकले थे। पिपली से बच्चे करनाल रुट पर चलने वाली निजी बस में सवार होकर रात करीब 8 बजे करनाल पहुंचे थे। करनाल के पुराने बस अड्डे के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से तीनों बच्चे बस अड्डे से बाहर आते हुए दिखाई दे रहे है। खबर लिखे जाने तक बच्चों का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया था।
अपहरण का नहीं कोई मामला
थाना प्रभारी मलकीत सिंह ने बताया कि साइबर सैल, सीआइए वन समेत पुलिस की 5 टीम बच्चों की तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह मामला अपहरण का नहीं है, बल्कि तीनों बच्चें अपनी मर्जी से चले गए है। बच्चों के पास तकरीबन 11-12 सौ रुपये है। पुलिस गहनता के साथ मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने पिपली-करनाल रुट पर चलने वाली सभी निजी बस के चालक व परिचालक से भी पूछताछ की है। पूछताछ में नीलोखेड़ी निवासी परिचालक काला सिंह ने पुलिस को बताया है कि मंगलवार करीब 7 बजे तीनों बच्चे उनकी बस में सवार हुए थे। उसने तीनों बच्चों को करनाल के पुराने बस अड्डे पर उतारा था। वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में भी तीनों बच्चे बस अड्डे से बाहर आते हुए दिखाई पड़ रहे है। इसके अतिरिक्त बच्चों ने एक इ-रिक्शा चालक से करनाल स्थित निर्मल कुटिया पता भी पूछा था। मामले को लेकर पुलिस टीम ने निर्मल कुटिया जाकर भी पूछताछ की थी, लेकिन तीनों बच्चे निर्मल कुटिया पहुंचे ही नहीं थे। फिलहाल पुलिस गहनता के साथ मामले की जांच कर रही है। शीघ्र ही पुलिस तीनों बच्चों को तलाश कर उनको परिजनों के हवाले कर देंगी। उधर, माहिर धवन के पिता चरणजीत सिंह ने सीसीटीवी से मिली फुटेज पर सवाल उठाए है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से मिली फुटेज साफ नहीं है। फुटेज में तीन बच्चें ई-रिक्शा चालक के पास खड़े हुए है। लेकिन उन बच्चों को देखकर नहीं लगता कि वे माहिर, लक्ष्य और भविष्य ही है।
विधायक ने पुलिस चौकी पहुंच लिया मामले का जायजा
शहर के तीन नाबालिग बच्चों के लापता होने की सूचना पाकर नवनिर्वाचित विधायक संदीप सिंह ने पुलिस चौकी पहुंचकर मामले का जायजा लिया। संदीप सिंह ने थान प्रभारी मलकीत सिंह से पुलिस जांच की रिपोर्ट भी ली। संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच गहनता से कर रही है। पुलिस शीघ्र ही तीनों बच्चों को उनके परिजनों को सौंप देंगी। इस मौके पर सिटी चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार, पार्षद मनमोहन चक्रपाणी, पार्षद रामधारी शर्मा, अनिल धवन समेत कई लोग मौजूद रहे।
24 घंटे के बाद भी नहीं लगा कोई सुराग
माहिर धवन के पिता चरणजीत सिंह ने बताया कि तीनों बच्चें अलग-अलग स्कूल में पढ़ते है। इसके अलावा तीनों ट्यूशन भी अलग-अलग जगह पर पढ़ते है। लेकिन एक ही कालोनी में रहने के कारण अच्छे दोस्त है। छुट्टी के दिन अकसर तीनों एक साथ साइकिलिंग करने के लिए भी जाया करते है। हाल ही में दिवाली के चलते उनकी मंगलवार तक स्कूल पड़ी हुई थी। छुट्टी के चलते ही तीनों इकट्ठा हुए थे और रेडीमेड कपड़े की दुकान पर इकट्ठा हुए थे। 24 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस के मुताबिक तीनों बच्चों करनाल में देखे गए है। पुलिस के साथ-साथ करनाल में उनके रिश्तेदार भी उनकी खोजबीन में लगे हुए है। उनके रिश्तेदार ने बताया कि तीनों बच्चें ई-रिक्शा में बैठकर मेरठ रोड की तरफ गए थे। इसके लिए सीसीटीवी की फुटेज की जांच भी कर रहे है।