कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री ने 10 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी देकर मंगलवार को रूटों पर उतार दिया। दीपावली तक ग्रामीण रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों को नि:शुल्क यात्रा का भी तोहफा दिया है लेकिन सप्ताह बाद यात्रियों की ये सुगम यात्रा परेशानी का सबब बनेगी। इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों से दोगुना किराया वसूल किया जाएगा। ऐसे में ग्रामीण रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। सामान्य बसों में मिलने वाली 42 कैटेगरी में से कोई भी सुविधा यात्रियों को नहीं मिलेगी। छात्राओं को बस पास होने के बावजूद भी किराया लेना पड़ेगा। ऐसे में ये बसें यात्रियों को राहत कम आफत में ज्यादा डालने का काम करेंगी। बड़े स्तर पर सरकार इन बसों को चलाना चाहती है। प्रदेशभर के 10 शहरों के लिए 375 बसों के संचालन के लिए सरकार योजना बना चुकी है। इनमें पानीपत, यमुनानगर, करनाल, पंचकुला, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र और अंबाला शामिल हैं।
सामान्य बसों की तुलना में देना होगा 40 फीसदी से ज्यादा किराया
सामान्य बसों की तुलना में इन बसों में यात्रियों से 30 से 40 फीसदी ज्यादा किराया वसूला जाएगा। रूट पर यात्रियों को 10 रुपये की जगह 20 और 30 रुपये की जगह 50 रुपये देने पड़ेंगे। सामान्य बसों में पिहोवा के 30 रुपये लगते हैं लेकिन इन बसों में यात्रियों को 50 रुपये देने होंगे। इतना ही नहीं लाडवा में 20 की जगह 35 रुपये, झांसा में 30 की जगह 45 रुपये देने होंगे।
इलेक्ट्रिक बसों में बस पास नहीं मान्य : सुजान सिंह
परिवहन विभाग के महानिदेशक एवं एचसीबीएसएल के सीईओ सुजान सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों में किसी भी प्रकार का बस पास मान्य नहीं है। पूरी टिकट लेकर ही लोगों को बसों में सफर करना पड़ेगा। कुरुक्षेत्र में 10 इलेक्ट्रिक बसों को चलाया गया है। जल्द ही बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
सामान्य बसों की संख्या बढ़ाए सरकार : नरेंद्र पांचाल
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान नरेंद्र पांचाल, सचिव रणजीत करोड़ा का कहना है कि सरकार रोडवेज विभाग को खत्म करना चाहती है। इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों से दोगुना किराया वसूल किया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को काफी नुकसान होगा। सरकार को रोडवेज में सामान्य बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए।