मुख्यमंत्री जी, प्रदेश में शिक्षा बचानी है तो कृपया नकल पर रोक लगा दीजिए। यह गुहार शाहाबाद निवासी संतोख सिंह ने लगाई। सीएम विंडो पर पत्र देकर उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री को प्रदेश में चल रही 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा में खुले तौर पर नकल का खुलासा किया बल्कि इस पर रोक लगाने की भी मांग की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रही बोर्ड व नॉन बोर्ड की परीक्षाओं में जमकर नकल का प्रचलन देखा जा रहा है। जो देश व प्रदेश के भविष्य के लिए खतरा है। यह परीक्षार्थियों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। नकल से बच्चे पास होंगे तो वे सर्टिफिकेट लेने के बावजूद भी नौकरी के योग्य नहीं हो पाएंगे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी करवाते हुए कड़ी कार्रवाई भी की जाए, ताकि परीक्षा नकल रहित हो सके।
- जिला में नहीं हो रही कहीं पर भी नकल : डीईओ
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में हालांकि संतोख सिंह ने किसी विशेष जिला का जिक्र नहीं किया है। जबकि कुरुक्षेत्र जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य से जब इस बारे में बातचीत की तो उन्होंने दावा किया कि सात मार्च से शुरू हुई इन परीक्षाओं में जिला भर में कहीं पर भी नकल नहीं की जा रही है। जहां कड़े बंदोबस्त किए गए है तो वहीं कड़ी निगरानी भी की जा रही है। वह खुद भी लगातार निगरानी में लगी है तो हर रोज रिपोर्ट भी भेजी जा रही है। जिले में शांतिपूर्ण परीक्षाएं चल रही है।