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गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान में किया मंत्रों का जाप

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गायत्री जप महायज्ञ अनुष्ठान में हिस्सा लेते ब्राह्मण। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। सन्निहित सरोवर स्थित दुखभंजन महादेव मंदिर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ एवं गायत्री जप महायज्ञ अनुष्ठान आरंभ हुआ। अनुष्ठान 25 अक्तूबर तक चलेगा। सूर्यग्रहण के उपलक्ष्य में आयोजित इस अनुष्ठान में प्रतिदिन दोपहर तीन से 5.30 बजे तक विख्यात भागवताचार्य शुकदेव महाराज कथा सुना रहे हैं। भंडारे के साथ इस अनुष्ठान का समापन होगा।
सर्वदेव पूजन के साथ 51 ब्राह्मणों की ओर से सवा लाख गायत्री मंत्र जाप आरंभ किया गया। अनुष्ठान में एडवोकेट मनमोहन शर्मा, डॉक्टर शालिनी शर्मा, जय कुमार शर्मा, मोहन भारद्वाज, रोजी शर्मा और हेमराज परिवार आदि यजमानों ने पूजा अर्चना की। गायत्री मंत्र की महिमा बताते हुए भागवताचार्य शुकदेव महाराज ने कहा कि इस मंत्र के जाप से ग्रहण के दौरान व्यक्ति पर पड़ने वाली नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
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इसके जप से आप अपने शत्रुओं पर विजय पा सकते हैं। अगर शत्रु का दमन करना चाहते हैं तो सूर्य ग्रहण के दौरान इस मंत्र का एक माला जरूर जाप करें। गायत्री महामंत्र वेदों का एक महत्वपूर्ण मंत्र है। इस मंत्र में सूर्य की उपासना है, इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है।
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पुत्री निभा रही पुत्र का कर्तव्य
गायत्री जप अनुष्ठान के यजमान मनमोहन शर्मा एडवोकेट की तीन बेटियां हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी डॉक्टर शालिनी शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वर्ष 2016 से 2022 तक उन्हें पांच गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ा और उनकी बेटी डॉक्टर शालिनी ने समाज में एक उदाहरण पेश किया पिता की सेवा कर उन्होंने बेटियों को प्रेरणा दी। उनकी पत्नी संतोष शर्मा भी समाजसेवा में आगे रहती हैं। डॉक्टर शालिनी का कहना है कि जो समाज माता पिता से मुंह मोड़ता है, या बेटी होने पर असुरक्षित अनुभव करता है, वो ये समझ लें कि बेटियां चाहें तो माता पिता को सुरक्षित रख सकती हैं, और अपने कर्तव्य को निभा सकती हैं।
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