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Kurukshetra News: कुवि के विधि कोर्सेज में बदलाव

Thu, 04 Jul 2024 07:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। कुवि का वि​धि संस्थान एवं विभाग। संवाद
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राजरानी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान और विभाग में अब तीन नए कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत पढ़ाई होगी, जिसको लेकर नया पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है। पाठ्यक्रम को विभागीय स्तर की कमेटी ने पास कर दिया है अब एकेडमिक ब्रांच में भेज दिया गया है। नया सत्र शुरु होने से पहले प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
विधि विभागाध्यक्ष प्रो प्रीती जैन का कहना है कि बीएएलएलबी कोर्स में तीनों कानूनों पर एक-एक विषय तैयार किया गया है। विधि संस्थान और विभाग में अब विद्यार्थियों को क्रिमिनल लॉ-1 भारतीय न्याय संहिता पेपर, क्रिमिनल लॉ-2 भारतीय न्याय संहिता पेपर और लॉ ऑफ एविडेंस भारतीय साक्ष्य अधिनियम पेपर पढ़ाया जाएगा। इन विषयों में सभी अध्याय तीनों नए कानूनों के सेक्शन को देखते हुए पाठ्यक्रम में लिए गए हैं ताकि विद्यार्थियों को नए कानूनों के मुताबिक ही पढ़ाया जा सके।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले क्रिमिनल लॉ-1 इंडियन पेनल कोड 1860 पेपर पढ़ाया जाता था और क्रिमिनल लॉ-2 कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर 1973 पेपर और लॉ ऑफ एविडेंस इंडियन एविडेंस ऐक्ट 1872 पेपर को पढ़ाया जाता था, जिसमें अब विषय नाम से लेकर पाठ्यसामग्री को बदल दिया गया है। इसमें विद्यार्थियों को नई पुस्तकों के माध्यम से पढ़ना होगा।
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अधिक प्रभावी न्याय प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त करते हैं नए कानून : प्रो सुशीला
विधि संस्थान की निदेशक और क्रिमिनल लॉ विशेषज्ञ प्रो. सुशीला चौहान का कहना है कि नए आपराधिक कानून बेहतर जांच और अभियोजन तकनीकों को लागू करके अधिक प्रभावी न्याय प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त करते हैं, जिससे सजा दर में वृद्धि होती है। हत्या, बलात्कार और आतंकवाद जैसे गंभीर अपराधों के लिए बढ़ी हुई सजा का प्रावधान अपराधियों को रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने का उद्देश्य रखता है।
इन कानूनों में महिलाओं, बच्चों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनके शोषण को रोकने में मदद मिलेगी। न्यायिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का उद्देश्य देरी को कम करना और प्रणाली की दक्षता को बढ़ाना है। साथ ही ये कानून पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देते हैं। कानून प्रवर्तन अधिकारियों, अभियोजकों और न्यायाधीशों की जवाबदेही पर जोर देते हैं।
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नए कानून अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और तकनीकी प्रगति को शामिल करके आपराधिक न्याय प्रणाली का आधुनिकीकरण करते हैं। ये कानून पीड़ित मुआवजे, गवाह सुरक्षा और अपराध के पीड़ितों के समर्थन के लिए उन्नत प्रावधान प्रदान करते हैं। इसके तहत फोरेंसिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर देकर जांच और साक्ष्य संग्रह को भी बेहतर बनाया गया है। इन कानूनों का लक्ष्य भारत में ओर अधिक कुशल, प्रभावी और निष्पक्ष आपराधिक न्याय प्रणाली का निर्माण करना है।

कुरुक्षेत्र। कुवि का विधि संस्थान एवं विभाग। संवाद

कुरुक्षेत्र। कुवि का विधि संस्थान एवं विभाग। संवाद

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