कुरुक्षेत्र। धान की सिंचाई के लिए खेत में चल रहा ट्यूबवेल। संवाद
कुरुक्षेत्र। सुबह से ही धूप खिलने से दिनभर उमस भरी गर्मी का सिलसिला जारी रहा। लोग उमस भरी गर्मी से दिनभर बेहाल नजर आए। उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी, कूलरों और पंखों का सहारा लेते रहे। मौसम के मिजाज को देखकर हर कोई हैरान है। उम्मीद अनुसार बारिश न होना अब लोगों के लिए समस्या बन गया है।
मानसून को आए अब तक 21 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन बारिश न होने से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उम्मीद अनुसार बारिश न होने से किसानों को ट्यूबवेलों का सहारा लेकर धान की सिंचाई करनी पड़ रही है। किसान धर्मबीर सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश काफी कम है, जिससे धान की फसल कई जगहों पर सूखने लगी है। कई जगहों पर किसान ट्यूबवेल का सहारा लेकर धान की सिंचाई दिन रात कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है जबकि धान की फसल को बारिश से ज्यादा फायदा होता है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को हल्की बारिश होने की संभावना जताई जा रही है जबकि मंगलवार व बुधवार को भी बारिश होने के आसार बने हुए है। रविवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री व न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री रहने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि सोमवार को हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है, जिससे जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार रहेंगे तो वहीं धान की सिंचाई के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित होगी। मानसून को आए हुए 21 दिन के करीब बीत चुके हैं, लेकिन बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। धान की सिंचाई के लिए किसानों को ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है, इससे जहां किसानों को बार-बार ट्यूबवेल चलाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है।