कुरुक्षेत्र। पार्क में बैठक रोष जताते लिपिक कर्मी। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। एक सप्ताह से मांगों के समर्थन में हड़ताल पर उतरे और करनाल से पैदल यात्रा निकालते हुए कुरुक्षेत्र पहुंचे विभिन्न विभागों के क्लर्कों व पुलिस के बीच रविवार की सुबह उस समय धक्का-मुक्की हो गई जब वे सीएम आवास पर जाने पर अड़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो हंगामा हो गया। टकराव के चलते पुलिस ने दर्जनों क्लर्कों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पुलिस लाइन व आदर्श थाना में ले जाकर करीब तीन घंटे बाद छोड़ दिया गया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी देर रात कुरुक्षेत्र पहुंचे थे, जहां वे सुबह ब्रह्मसरोवर तट पर आयोजित राहगीरी कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुए। इसके बाद वे फिर अपने आवास पर गए तो गत सोमवार से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे क्लर्क भी करनाल से पैदल यात्रा निकालते हुए सेक्टर तीन नेशनल हाईवे के समीप पिपली देवीलाल पार्क के पास एकजुट हो गए। इनकी भनक पुलिस को भी लग गई और बड़ी संख्या में पुख्ता बंदोबस्त के साथ पुलिस बल वहां पहुंच गया। क्लर्क रोष जताते हुए सीएम आवास की तरफ बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई तो दर्जनों क्लर्कों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अलग-अलग वाहनों में ले जाकर उन्हें पुलिस लाइन तो आदर्श थाना सहित कई जगहों पर छोड़ दिया। इसके बाद क्लर्क फिर एकजुट होने लगे, लेकिन तब तक मुख्यमंत्री जा चुके थे।
शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री को देना चाहते थे ज्ञापन : बलजीत
एसोसिएशन के राज्य प्रधान बलजीत जून ने बयान जारी कर कहा कि वे शांतिपूर्वक पैदल यात्रा कर मुख्यमंत्री को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन देना चाहते थे। लेकिन कुरुक्षेत्र प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोककर ऐसा नहीं करने दिया जिससे लिपिक वर्ग में रोष है। राज्य महासचिव सतीश ढाका ने बताया कि इस तरह लिपिक वर्ग का आंदोलन कमजोर नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने जैसे ही कर्मचारियों को छोड़ा तो सभी पुलिस लाइन के बाहर एकत्र हो गए उसके बाद वहां से पैदल यात्रा करते हुए, सेक्टर चार से होकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर से सेक्टर-3 के सामुदायिक केंद्र में पहुंचे। सामुदायिक केंद्र में राज्य प्रधान की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य कार्यकारिणी ने पैदल यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि यदि 27 जुलाई तक सरकार ने लिपिक वर्ग की मांगों को नहीं माना तो पूरे हरियाणा का लिपिक वर्ग का कर्मचारी 28 जुलाई को पंचकूला के कूच करेगा और वहां पर राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन करेगा।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई : एसएचओ
सदर थाना एसएचओ बलजीत सिंह का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के चलते ही कुछ कर्मियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई कर्मियों के खिलाफ नहीं की गई है।