इस सरस व शिल्प मेले में विभिन्न राज्यों की शिल्पकला को देखकर सभी मेहमान गदगद हो गए। मुख्य सचिव ने जैसे ही सरस व शिल्प मेले का शुभारंभ किया, उसी समय विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश के संगीत और वाद्य यंत्रों से निकली सुर और ताल ने ब्रह्मसरोवर की फिजा ही बदल दी।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से चौथी बार गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव का प्रचार-प्रसार विश्वस्तर पर किया गया है और विदेशी सैलानी भी इस महोत्सव का आनंद लेने के लिए पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के प्रयासों से महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरूआत की गई है। इस अवसर पर उपायुक्त डा. एसएस फुलिया व एडीसी पार्थ गुप्ता ने मुख्यातिथि केशनी आनंद अरोड़ा को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस मौके पर एसडीएम अश्विनी मलिक, सिटी मजिस्ट्रेट सतबीर कुंडू, केडीबी सदस्य सौरव चौधरी, रविंद्र सांगवान, उपेन्द्र सिंघल, विजय नरुला, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य खरैती लाल सिंगला सहित अन्य अधिकारी और लोग उपस्थित थे।