कुरुक्षेत्र। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जांच तेज कर दी है। विभाग ने अब तक 42 सैंपल लिए हैं। इनमें से एक सैंपल असुरक्षित और तीन घटिया गुणवत्ता के पाए गए हैं।
18 सैंपलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। विभाग को जांच के दौरान थानेसर में देसी घी के नाम पर वनस्पति मिलने का मामला भी सामने आया है। खाद्य विभाग के अधिकारी अमित ने बताया कि नई दिशा-निर्देशों के तहत देसी घी से बने होने का दावा करने वाले उत्पादों की भी जांच हुई। थानेसर में मिले मामले में देसी घी बताई जा रही सामग्री में वनस्पति पाया गया। विभाग ने इस मामले में कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में भी 12 सैंपल लिए, जिनकी रिपोर्ट करीब 20 दिन में आएगी। कुरुक्षेत्र से लिए गए सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे जाते हैं।
बिना लाइसेंस पर कार्रवाई : जांच के दौरान चार दुकानों को बिना पंजीकरण के कारोबार करते पाया गया। उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, एक दुकान बिना लाइसेंस के चलती मिली, जिसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारी अमित ने कहा कि खाद्य कारोबारियों के लिए निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण और लाइसेंस जरूरी हैं।
कुट्टू के आटे के सेवन में सावधानी
अमित ने नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कुट्टू के आटे से बनी चीजें देर रात खाने से बचना चाहिए। इन्हें अधिक तेल में तलने के बजाय हल्के तरीके से तैयार करना बेहतर है। साथ में दही या लस्सी लेने की सलाह भी दी गई है। उनके अनुसार, कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद कुछ लोगों को एसिडिटी की समस्या हो सकती है।