कुरुक्षेत्र। सिविल जज सीनियर डिवीजन देवेंद्र की अदालत ने कृषि ऋण बकाया मामले में कैनरा बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए महिला उधारकर्ता किसान को 18.26 लाख रुपये से अधिक की राशि ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर बैंक को गिरवी रखी संपत्ति और जमीन पर उगी फसलों की बिक्री के माध्यम से राशि वसूलने का अधिकार होगा।
बैंक ने अदालत में दायर वाद में बताया कि सुनारियां गांव निवासी महिला किसान ने वर्ष 2019 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 12.43 लाख रुपये तथा वर्ष 2021 में किसान ओवरड्राफ्ट (केओडी) योजना के तहत 5.50 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। ऋण के बदले कृषि भूमि को गिरवी रखा गया था। बैंक के अनुसार बार-बार नोटिस देने के बावजूद ऋण राशि जमा नहीं करवाई गई। मामले में प्रतिवादी अदालत में पेश नहीं हुई, जिसके बाद अदालत ने उसे एकपक्षीय घोषित कर दिया। अदालत ने बैंक के दस्तावेज और साक्ष्यों के आधार पर 18,26,671 रुपये की वसूली का आदेश पारित किया है।