कृषि प्रधान देश कनाडा और कृषि प्रधान राज्य हरियाणा एक-दूसरे के साथ आधुनिक तकनीक, मशीनरी को साझा करेंगे। इस कृषि प्रधान देश कनाडा की स्मार्ट सीडर मशीन का डेमो दिखाया गया है। इसे प्रयोग में लाने पर किसानों को निश्चित तौर पर फायदा होगा।
कनाडा की तकनीक और हरियाणा के किसानों की मेहनत खेती में एक नया आयाम स्थापित करेगी। इस तकनीकी के लिए कृषि प्रधान देश कनाडा और कृषि प्रधान राज्य हरियाणा एक-दूसरे के साथ आधुनिक तकनीक, मशीनरी को साझा करेंगे। इस कृषि प्रधान देश कनाडा की स्मार्ट सीडर मशीन का डेमो दिखाया गया है। इसे प्रयोग में लाने पर किसानों को निश्चित तौर पर फायदा होगा। ये विचार प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने व्यक्त किए। कृषि मंत्री मंगलवार को पिहोवा वेजिटेबल प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा पिहोवा के गांव तलहेड़ी के एफपीओ पैक हाउस में आयोजित स्वच्छ बीज उत्तरी किसान प्रौद्योगिकी प्रदर्शन एवं कनाडा के प्रतिनिधि मंडल के साथ आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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इससे पहले कृषि मंत्री जेपी दलाल, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर, कनाडा के स्कैचवन राज्य के प्रीमियर स्कॉट मोई, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, पीवीसी ग्रुप के डायरेक्टर रणधीर सिंह, नार्दन एनएफएम के डायरेक्टर अनुराज सिंह, पीवीपीसी ग्रुप के सीईओ हरप्रीत सिंह, एसडीएम सोनू राम, डीडीए डाॅ. प्रदीप मील ने एफपीओ पैक हाउस का अवलोकन किया।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल व कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर सहित सभी अतिथियों ने स्मार्ट सीडर मशीन का डेमो देखा तथा उसके बारे में विस्तार से जानकारी ली है। कृषि मंत्री ने कहा कि पेरिस, फ्रांस, हॉलैंड जैसे देशों में स्थापित दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय मंडियों की तर्ज पर हरियाणा के गन्नौर में 550 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय सब्जी मंडी स्थापित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही टेंडर अलाॅट कर दिए जाएंगे।
कनाडा के स्कैचवन से पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
कनाडा से एक प्रतिनिधि मंडल वहां के कृषि प्रधान राज्य स्कैचवन से भारत आया है। भारत आने का उनका उद्देश्य कनाडा की स्मार्ट सीडर मशीन को भारत में प्रदर्शित करना है। इस मशीन को भारत की कृषि प्रणाली के हिसाब से संशोधित कर भारत में जल्द ही लाया जाएगा। वर्तमान में ड्रोन स्मार्ट एग्रीकल्चर का जमाना है, इसी तरह क्लीन सीड कृषि बदलाव की एक बेहतरीन तकनीक है, जोकि वर्तमान में सबसे आगे कार्य कर रही है। यह एक अद्वितीय हाई-डेफिनिशन सीडिंग तकनीकों में से एक मानी जाने वाली तकनीक है। इसके लिए हरियाणा व कनाडा के स्कैचवन राज्य की टीम मिलकर कार्य करेगी।
भारत के साथ कनाडा के मधुर संबंध : स्टीफन हार्पर
कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने कहा कि बड़ी खुशी की बात है कि हरियाणा और कनाडा मिलकर किसानों की खुशहाली के लिए अनेक कदम उठा रही है। भारत के साथ कनाडा के मधुर संबंध हैं, भारत के साथ मिलकर सामाजिक सुरक्षा और कृषि पर काफी कार्य किया है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि भविष्य में भी भारत के किसानों के साथ कृषि संबंधी अनेक कार्य पूर्ण किए जाएंगे। कनाडा के स्कैचवन राज्य के प्रीमियर स्कॉट मोई ने कहा कि हम वर्षों से कृषि को जानते हैं तथा हमें कृषि से विशेष लगाव है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच कनाडा और भारत दोनों देश लगातार कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में चंडीगढ़ कार्यालय से आए काउंसिल जनरल ऑफ कनाडा पैट्रिक हैबेर्ड ने कनाडा और भारत के आपसी संबंधों के बारे में विस्तार से बताया और उम्मीद जताई कि कृषि व्यापार के क्षेत्र में दोनों देश आपसी सहयोग करेंगे।
बागवानी विभाग के महानिदेशक डाॅ. अर्जुन सिंह सैनी ने कहा कि कनाडा से पिछले वर्ष जून में आई स्मार्ट सीडर मशीन के साथ गेहूं की बिजाई का परीक्षण किया गया था, जो कि बेहद सफल रहा था। क्लीन सीड एग्रीकल्चर टेक्रोलोजी के ओपरेशनज एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट वाइस प्रेजिडेंट जीत झीते ने बताया कि पिहोवा के एफपीओ पैक हाउस में कनाडा की क्लीन सीड टीम ने उत्तरी किसानों के साथ दौरा किया, जिसमें उन्होंने मशीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में पीआई इंडस्ट्रीज प्रोडक्ट डेवलपमेंट हेड डॉ. चक्रधर पाल ने कार्यक्रम से संबंधित और कनाडा से आए हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी । इस अवसर पर डीडीए प्रदीप मिल, रिचैल बोर्गन, लैरी रोसिया, कैंथले पैट्रिक, जैर्मी ब्रिक, बलजीत सिंह, जगप्रीत मस्ताना, संत सिंह, विवेक ठाकुर, जयदीप देसाई सहित कई प्रगतिशील किसान व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।