कुरुक्षेत्र। श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में मोहिनी एकादशी को लेकर पूजा अर्चना की गई। विद्वान ब्राह्मणों ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ सर्वकल्याण की भावना से यह पूजन कराया। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के का व्रत रखने और पूजा करने से हर तरह के मोह बंधन से मुक्ति मिलती है साथ ही जीवन में तरक्की मिलती है।
शास्त्रों के अनुसार प्राचीन समय में देवता और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। जब इस मंथन में अमृत निकला तो इसे पाने के लिए देवता और दानवों में युद्ध होने लगा। तब भगवान विष्णु ने इसी तिथि पर मोहिनी रूप में अवतार लिया था। मोहिनी रूप में अमृत लेकर देवताओं को इसका सेवन करवाया था। इस मौके पर विजयंत चोपड़ा, माधवी चोपड़ा, स्वामी पृथ्वी पुरी, स्वामी संतोषानंद, बिल्लू , दर्शन, लक्खा सिंह, नाजर सिंह, दीपक मित्तल, गुरजीत कौर, सोनिया सहित अन्य मौजूद रहे।