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गिरते कारोबार ने बढ़ाई व्यवसायियों की परेशानी

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महामारी की दूसरी लहर में लगे दूसरे लॉकडाउन के बाद अब फिर जीवन पटरी पर लौटने की कवायद कर रहा है। हालांकि महामारी के डर से लोगों को पूरी तरह निजात नहीं मिली है। ऐसे में व्यवसायी भी अपने कारोबार के गिरते ग्राफ व करों के बोझ से परेशान हैं। कोरोना ने जनजीवन के साथ व्यवसाय को भी अस्तव्यस्त कर दिया है। कोरोना का सामना करते हुए डेढ़ साल होने को है। इस दौरान जहां आम जनजीवन ठप रहा वहीं, व्यापार को भी मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा। त्यौहारों से लेकर निजी समारोहों तक को लोग हर्षोल्लास के साथ बड़े स्तर पर नहीं मना पा रहे हैं। इसका असर कारोबार पर भी पड़ा है। महामारी के दौर में लोगों की आमदनी में भी कमी आई है। व्यापारी वर्ग की परेशानी कारोबार में कमी को लेकर तो है ही, साथ ही सरकार से किसी तरह की रियायत न मिलने से भी व्यवसायी परेशान हैं।
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शर्मा क्लॉथ हाउस के मालिक अनुज शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन खुलने के बाद बाजार तो खुल गए लेकिन बाजारों से रौनक गायब है बाजार सुनसान पड़े हैं और न ही बाजारों में कोई ग्राहक है। जिससे दुकानदारों को खर्चे निकालने मुश्किल हो गए हैं। पहले दुकानदार की दुकानों पर कई- कई कर्मचारी काम करते थे लेकिन काम नहीं होने के कारण सभी को खाली बैठकर समय गुजारना पड़ रहा है। अपने 20 वर्ष की दुकानदारी में बाजारों के इतने बदतर हालत कभी नहीं देखे।
ओम गारमेंट्स के मालिक सुंदरलाल ने कहा कि लॉकडाउन से पहले बाजारों में अच्छी खासी चहल-पहल रहती थी । ग्राहक भी ज्यादा मोल-भाव नहीं करते थे, लेकिन अब पूरे दिन में 2-4 ग्राहक आने से मोलभाव भी ज्यादा बढ़ गया है। ज्यादातर लोगों के रोजगार लॉकडाउन के कारण छीन गए हैं जिससे लोगों को रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। सरकार को चाहिए कि दुकानदार को लिए राहत पैकेज घोषित किया जाए ताकि दुकानदार भी अपने बच्चों का पेट पाल सकें।
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स्टेप एंड स्टाइल स्टोर के मालिक पंकज कुमार ने बताया कि शादी ब्याह में त्योहारों में जूतों की खूब बिक्री होती थी, लेकिन लॉक डाउन की वजह से शादियों व त्योहारों में भीड़ इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है जिससे उनका रोजगार बुरी तरह से बर्बाद हो गया है। वहीं स्कूल बंद होने से भी जूतों की बिक्री पर गहरा असर पड़ा है। दुकानदारों को दुकानों का किराया निकालना मुश्किल हो गया है और संकट की इस घड़ी में दुकानों को छोड़कर जाएं तो कहां जाएं।
कोहली इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक साहिल कोहली ने बताया कि गर्मी शुरू होने से पहले दुकान में लाखों रुपये का सामान खरीद कर रखा था, लेकिन सीजन शुरू होते ही लॉक डाउन लग गया। कुछ सामानों की वारंटी 1 या 2 साल के लिए होती है ऐसे में उन सामानों की वारंटी पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं लाखों का स्टॉक दुकान में बाउंड हो गए हैं, जिससे बैंकों से लिए हुए कर्ज पर ब्याज बढ़ता जा रहा है। संकट के इस दौर में समय निकालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों के लिए भी सरकार को कुछ न कुछ राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
ओमायगो शॉप संचालक प्रतीक गाबा ने कहा कि उनका कार्ड वगैरा बनाने का काम है, लेकिन अभी शादियों में ज्यादा लोगों को आने की अनुमति नहीं है, जिस कारण लोग बहुत कम संख्या में कार्ड बनवा रहे हैं। वहीं धीरे-धीरे मार्केट में काम उठने लगा है।
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